अरवल से बड़ी खबर है, जहां अपराधियों ने डीएसपी आवास के नजदीक ईंट भट्ठा संचालक अरवल नगर परिषद वार्ड नंबर एक अहियापुर गांव निवासी 52 वर्षीय श्याम किशोर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद युवक सोन नदी में कूद कर फरार हो गया। गोली की आवाज सुनकर लोग दौड़े और जख्मी व्यवसायी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इससे पहले भी ईंट भट्ठा संचालक के ऊपर दो बार जानलेवा हमला हो चुका था। घटना नगर थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव की है। डीएसपी आवास के पास हुई इस घटना के बाद इलाके के लोगों में हड़कंप मच गया है।
घटना के बाद ईट-भट्ठा पर काम करने वाले लोगों की मदद से ईट-भट्ठा संचालक को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई। शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार,रविवार की सुबह श्याम किशोर अपने ईंट भट्टा पर पहुंचे थे। वहां अपने किसी दोस्त से वे बातचीत कर रहे थे, तभी एक युवक वहां पहुंचा और उन्हें गोली मारकर फरार हो गया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में ईंट भट्ठा संचालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सदर प्रखंड के अहियापुर निवासी श्याम किशोर शर्मा डीएसपी आवास से 500 मीटर की दूरी पर सोन नदी के किनारे ईंट भट्ठा का संचालन करते थे। भट्ठे पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि एक युवक आया और श्याम किशोर को गोली मारकर सोन नदी में कूदकर भाग गया। मजदूरों के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक मो. कासिम, सदर थाना अध्यक्ष अवधेश कुमार दल बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। घटना के बाद सदर अस्पताल में मृत व्यवसायी के परिजनों और शुभचिंतकों का भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गोली मारने वाला युवक अहियापुर का ही है जिससे पुरानी अदावत चल रही थी।
घटना के पीछे आपसी वर्चस्व बात की सामने आ रही है। मृतक श्याम किशोर और अहिया पुर गांव के चंदन कुमार के बीच पहले भी दोनों तरफ से कई बार गोलीबारी की घटना हो चुकी है।
गोलीबारी की घटना में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने चंदन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चंदन कुमार के जेल से छूटने के दो महीने बाद श्याम किशोर सिंह की हत्या हो जाती है।



