



वंदे भारत (Vande Bharat Train) से जुड़ी दो खबरें आ रही हैं। पहला यह, पटना से हावड़ा जाने वाले बिहार के यात्री अब वंदे भारत में सफर कर सकते हैं। बिहार को डेढ़ माह में दूसरी वंदे भारत की सौगात मिलने जा रही है। दूसरी यह कि रांची से पटना के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Train) का मार्ग बदल गया है।
जनकारी के अनुसार,पूर्व मध्य रेल की ओर से पटना-हावड़ा-पटना वंदे भारत के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड की ओर से हरी झंडी मिल गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से आठ कोच वाली वंदे भारत की दूसरी रैक पटना जंक्शन पहुंच गई है।
इस रैक को राजेंद्र कोचिंग कॉम्प्लेक्स में सुरक्षित रखा गया है। जिसका अब जल्द ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। इस 8 कोच की ट्रेन में 5 सामान्य चेयर कार और 2 एग्जिक्यूटिव चेयर कार सहित अन्य कोच हैं।
जानकारी के अनुसार हावड़ा जनशताब्दी की समय सारणी के आसपास पटना से हावड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना है। यह ट्रेन पटना से सुबह में खुलकर दोपहर में हावड़ा और दोपहर में हावड़ा से खुलकर रात में पटना जंक्शन पहुंचेगी।
रेलवे बोर्ड की ओर से पूर्व मध्य रेलवे की रिपोर्ट के आधार पर समय सारणी और ठहराव वाले स्टेशनों के नामों के चयन को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। जानकारी के अनुसार वंदेभारत पटना से खुलने के बाद किउल या लखीसराय, जसीडीह, आसनसोल रुकते हुए हावड़ा पहुंचेगी। जल्द ही रेलवे बोर्ड की ओर से समय सारणी और किराया तय कर पूर्व मध्य रेलवे को भेजा जाएगा।
पटना से हावड़ा के बीच की 535 किलोमीटर की दूरी तय करने में इसे छह से साढ़े छह घंटा ही लगेगा। पटना से हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत की गति 130 किमी प्रति घंटे की रहेगी। पटना-हावड़ा के बीच रेलवे ट्रैक को 130 की गति के लायक तैयार कर दिया गया है।
हालांकि, पटना रांची के बीच चलने वाली वंदे भारत की गति 90 से 110 के बीच ही रहती है। वैसे इस ट्रेन के अधिकतर स्पीड 160 किमी प्रति घंटे तक जाती है। वहीं इस रूट पर अगर किराये की बात करें तो अब तक तय नहीं हुआ है। किराया ट्रायल के बाद ही तय होने की संभावना है।
वैसे, जानकारी के अनुसार एसी एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए किराया 2,650 रुपये प्रति यात्री और एसी चेयर कार के लिए 1,450 रुपये प्रति यात्री हो सकता है, जिसमें खाना भी शामिल होगा।
इधर, रांची से पटना के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Train) का मार्ग बदल गया है। टाटीसिलवे साकी और बरकाकाना होकर चलने वाली ट्रेन अब टाटीसिलवे से मूरी और बरकाकाना होकर चलेगी। ट्रेन का रूट दो अगस्त से बदला गया है। रेलवे ने इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है। ट्रेन अब अगले आदेश तक अपने बदले रूट पर चलेगी।
बारिश के कारण बरकाकाना-रांची नवनिर्मित रेल लाइन के सिधवार स्टेशन और साकी स्टेशन के बीच पड़ने वाले दाड़ीदाग हॉल्ट के समीप भूस्खलन के कारण ऊपर से पहाड़ का बड़ा हिस्सा रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इसके कारण इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम में हुई बारिश के बाद हेहल से सांकी के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पहाड़ से अचानक से भारी पत्थर रेलवे ट्रैक पर गिर गए हैं। ट्रेन आज से अगले आदेश तक अपने निर्धारित मार्ग टाटीसिल्वे-सांकी-बरकाकाना के बदले टाटीसिल्वे-मूरी-बरकाकाना होकर चलेगी।




