

Budh Vakri 2026: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ग्रहों का वक्री होना ब्रह्मांड में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है, जो पृथ्वी पर अपने गहरे प्रभाव छोड़ती है। विशेष रूप से बुध ग्रह का वक्री होना संचार, बुद्धि और व्यापार के क्षेत्र में अनेक उतार-चढ़ाव लेकर आता है, जिससे व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन पर इसका असर स्पष्ट देखा जा सकता है।
Budh Vakri 2026: 26 फरवरी से बुध की उल्टी चाल, इन तीन राशियों को रहना होगा विशेष अलर्ट
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। जब बुध वक्री होता है, यानी अपनी सामान्य सीधी गति के बजाय विपरीत दिशा में चलता हुआ प्रतीत होता है, तो इन क्षेत्रों में चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। यह समय अक्सर निर्णय लेने में भ्रम, गलतफहमी और तकनीकी गड़बड़ियों से भरा होता है। 26 फरवरी 2026 से Budh Vakri 2026 पुनः वक्री होने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप से देखने को मिलेगा। इस खगोलीय घटना का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कुछ नए अध्याय लेकर आता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह Graha Gochar विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए अधिक सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।
Budh Vakri 2026: वक्री बुध का किन राशियों पर रहेगा विशेष प्रभाव?
जब बुध वक्री होता है, तो अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग अपनी कही बातों पर पुनर्विचार करते हैं, पुराने संबंधों पर ध्यान देते हैं और अपने व्यावसायिक रणनीतियों में बदलाव लाते हैं। इस दौरान, संचार के माध्यमों में बाधाएँ आ सकती हैं, महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और यात्रा योजनाओं में अप्रत्याशित देरी या बदलाव संभव है। कुछ ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, तीन राशियाँ ऐसी हैं जिन्हें इस अवधि में अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। इन राशियों के जातकों को अपने स्वास्थ्य, व्यापार और निजी संबंधों में अधिक सतर्कता दिखानी होगी ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें: दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें
ज्योतिष विशेषज्ञ बताते हैं कि वक्री बुध के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। भगवान गणेश की पूजा करना, बुध के मंत्रों का जाप करना और पन्ना रत्न धारण करना (किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के बाद) शुभ माना जाता है। इस अवधि में शांत रहने, ध्यान करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दी जाती है। याद रखें, Graha Gochar सदैव हमें कुछ सिखाने के लिए आते हैं, और सावधानी व सकारात्मक दृष्टिकोण से हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



