Graha Gochar: ज्योतिष शास्त्र के गूढ़ रहस्यों में ग्रहों का गोचर एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। प्रत्येक ग्रह अपनी निश्चित गति और अवधि के अनुसार एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, जिसका सीधा प्रभाव धरती पर रहने वाले प्रत्येक जीव के जीवन पर पड़ता है।
मकर राशि में सूर्य, शुक्र और मंगल का त्रिग्रही Graha Gochar: इन राशियों पर दिखेगा गहरा असर
सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एकत्रित होते हैं, तो इसे त्रिग्रही योग कहा जाता है। हाल ही में, कर्मफल दाता शनिदेव की मूल त्रिकोण राशि मकर में जब ग्रहों के राजा सूर्य (सत्ता, आत्मा), प्रेम और धन के कारक शुक्र (सुख, सौंदर्य) और ऊर्जा तथा साहस के प्रतीक मंगल (शक्ति, क्रोध) का मिलन हो रहा है, तो एक विशिष्ट त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है।
यह युति ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी के साथ, मंगल अपनी उच्च राशि में होकर ‘रुचक राजयोग’ का भी निर्माण कर रहा है। यह राजयोग कुछ राशियों के लिए जहां अप्रत्याशित सफलता, मान-सम्मान और उन्नति के द्वार खोल सकता है, वहीं कुछ अन्य राशियों के लिए यह चुनौती भरा समय भी ला सकता है। ज्योतिषीय गणनाएं दर्शाती हैं कि यह योग कुछ व्यक्तियों के लिए रिश्तों में दरार, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है, जबकि कुछ अन्य को यह जीवन के शिखर पर पहुंचा देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समय विशेष रूप से उन 7 राशि वालों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है जिनके रिश्ते और धन पर इस गोचर का सीधा प्रभाव पड़ेगा।
मकर राशि में Graha Gochar: रिश्तों और धन पर प्रभाव
यह त्रिग्रही योग प्रत्येक व्यक्ति की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर भिन्न-भिन्न परिणाम देता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। ज्योतिषविदों का मत है कि इस अवधि में धैर्य और विवेक से काम लेना आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव व्यक्तिगत जीवन पर किस प्रकार पड़ेगा, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए विशेषज्ञ ज्योतिषियों से परामर्श लेना श्रेयस्कर होगा।
कुल मिलाकर, मकर राशि में सूर्य, शुक्र और मंगल का यह संगम जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालेगा। यह समय आत्मचिंतन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का है ताकि हम ग्रहों के शुभ प्रभावों को ग्रहण कर सकें और प्रतिकूल प्रभावों से बचाव कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ज्योतिषीय मार्गदर्शन के लिए हमेशा किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित होता है।

