

Air Ambulance: जीवन और मृत्यु के बीच की पतली डोर पर अक्सर तकनीक ही उम्मीद की किरण बनकर उभरती है, लेकिन जब बात एयर एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आती है, तो इसकी लागत एक बड़ा सवाल बन जाती है। हाल ही में झारखंड में हुई एक दर्दनाक घटना ने इस विषय को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
Air Ambulance सेवा का सच: झारखंड हादसे के बाद क्या है किराए का गणित?
दर्दनाक Air Ambulance हादसा और महंगी सेवा का बोझ
झारखंड में हुए एक भीषण एयर एम्बुलेंस विमान हादसे ने देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 7 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिससे कई परिवारों में मातम पसर गया। सबसे दुखद पहलू यह है कि पीड़ित परिवार ने अपने प्रियजन को बचाने की अंतिम उम्मीद में एयर एम्बुलेंस बुक करने के लिए 8 लाख रुपए का भारी-भरकम लोन लिया था। यह घटना न केवल हवाई आपातकालीन सेवाओं की जरूरत पर प्रकाश डालती है, बल्कि इसकी आसमान छूती लागत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक ऐसे समय में जब हर जान कीमती है, एयर एम्बुलेंस जैसी जीवनरक्षक सुविधा का इतना महंगा किराया आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है।
देश में गंभीर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए एयर एम्बुलेंस एक प्रभावी माध्यम साबित होती है। लेकिन, इसका संचालन और रखरखाव काफी खर्चीला होता है, जिसका सीधा असर इसके किराए पर पड़ता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर एक ट्रिप का कितना किराया होता है और क्या गरीबों या जरूरतमंदों के लिए कोई रियायती सुविधा उपलब्ध है? लेटेस्ट कार और बाइक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें
आपातकालीन सेवाओं की लागत: एक गंभीर चुनौती
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि आपातकालीन चिकित्सा परिवहन सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की आवश्यकता है। 8 लाख रुपये का लोन लेना, सिर्फ इसलिए ताकि एक बीमार व्यक्ति को उचित इलाज मिल सके, यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अभी भी कई खामियां हैं जिन्हें दूर किया जाना बाकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य जीवन बचाना है, लेकिन जब इसकी कीमत एक परिवार को कर्ज के बोझ तले दबा देती है, तो यह सेवा के मूल उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारों और निजी सेवा प्रदाताओं को इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे ऐसी महत्वपूर्ण सेवाओं को सभी तक पहुंचाया जा सके। देशज टाइम्स बिहार का N0.1, देश की ऐसी खबरों को आप तक लाता रहेगा।


