

Automatic Car: भारतीय सड़कों पर ऑटोमैटिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। शहर के व्यस्त ट्रैफिक में या लंबे सफर पर, ऑटोमैटिक गाड़ियाँ ड्राइविंग को बेहद आरामदायक और तनावमुक्त बना देती हैं। आज के दौर में जब हर कोई सुविधा और आसानी चाहता है, ऐसे में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के ऑटोमैटिक गियरबॉक्स – AMT, CVT, DCT, iMT और टॉर्क कन्वर्टर AT – में से आपके लिए सबसे बेहतर कौन सा है? आइए जानते हैं इनकी खूबियाँ और कमियाँ।
Automatic Car: भारतीय बाजार में उपलब्ध विभिन्न ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प
1. एएमटी (AMT – Automated Manual Transmission)
एएमटी (AMT) या ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन सबसे किफायती ऑटोमैटिक विकल्प है। यह मूल रूप से एक मैनुअल गियरबॉक्स होता है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और एक्चुएटर्स क्लच और गियर को ऑटोमैटिक तरीके से बदलते हैं।
- फायदे: यह मैनुअल कार की तुलना में ज्यादा महंगा नहीं होता और बेहतर ईंधन दक्षता प्रदान करता है।
- नुकसान: गियर शिफ्टिंग कभी-कभी थोड़ी झटकेदार महसूस हो सकती है, खासकर कम स्पीड पर।
- उदाहरण: मारुति सुजुकी स्विफ्ट, टाटा टियागो जैसी बजट कारों में यह विकल्प काफी लोकप्रिय है।
2. सीवीटी (CVT – Continuously Variable Transmission)
सीवीटी (CVT) एक अलग प्रकार का ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन है जो इंजन और पहियों के बीच गियर अनुपात को लगातार बदलता रहता है। इसमें कोई निश्चित गियर नहीं होता, जिससे ड्राइविंग अनुभव बेहद स्मूथ और सहज होता है।
- फायदे: बेजोड़ स्मूथनेस, शहरी ड्राइविंग के लिए शानदार और अच्छी ईंधन दक्षता।
- नुकसान: कुछ ड्राइवरों को “रबर बैंड” प्रभाव महसूस हो सकता है, जहां इंजन की आवाज बढ़ती है लेकिन तुरंत गति में अपेक्षित वृद्धि नहीं होती। यह स्पोर्ट्स कार जैसी तेज परफॉर्मेंस के लिए उतना उपयुक्त नहीं माना जाता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- उदाहरण: होंडा सिटी, मारुति सुजुकी बलेनो जैसी कारों में सीवीटी का उपयोग होता है।
3. डीसीटी (DCT – Dual Clutch Transmission)
डीसीटी (DCT) या डुअल क्लच ट्रांसमिशन स्पोर्ट्स कारों और प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियों में बहुत पसंद किया जाता है। इसमें दो अलग-अलग क्लच होते हैं—एक विषम गियर (1, 3, 5) के लिए और दूसरा सम गियर (2, 4, 6) के लिए।
- फायदे: बिजली जैसी तेज गियर शिफ्टिंग, शानदार परफॉर्मेंस और एक स्पोर्टी ड्राइविंग अनुभव प्रदान करता है।
- नुकसान: यह अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक महंगा और थोड़ा जटिल होता है, जिससे रखरखाव भी महंगा हो सकता है।
- उदाहरण: हुंडई क्रेटा, किया सेल्टोस जैसी कई प्रीमियम एसयूवी में डीसीटी का विकल्प मिलता है।
4. आईएमटी (iMT – Intelligent Manual Transmission)
आईएमटी (iMT) इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन एक हाइब्रिड विकल्प है। इसमें गियर बदलने के लिए मैनुअल लीवर होता है, लेकिन क्लच पैडल नहीं होता। सेंसर ड्राइवर की गियर बदलने की मंशा को समझते हैं और ऑटोमैटिक तरीके से क्लच को ऑपरेट करते हैं।
- फायदे: मैनुअल कंट्रोल का अनुभव मिलता है लेकिन क्लच दबाने की थकान से मुक्ति। यह किफायती भी है।
- नुकसान: कुछ लोगों को क्लच पैडल के बिना गियर बदलने में अजीब लग सकता है।
- उदाहरण: हुंडई वेन्यू और किया सोनेट जैसी कॉम्पैक्ट एसयूवी में यह तकनीक उपलब्ध है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
5. टॉर्क कन्वर्टर एटी (Torque Converter AT – Automatic Transmission)
टॉर्क कन्वर्टर (Torque Converter) पारंपरिक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का एक पुराना और भरोसेमंद रूप है। यह एक फ्लूइड कपलिंग का उपयोग करके इंजन से ट्रांसमिशन तक पावर पहुंचाता है।
- फायदे: बेहद स्मूथ और विश्वसनीय, भारी वाहनों और शक्तिशाली इंजनों के लिए उपयुक्त। लंबी अवधि में इनकी परफॉर्मेंस काफी भरोसेमंद मानी जाती है।
- नुकसान: आमतौर पर एएमटी या सीवीटी की तुलना में कम ईंधन कुशल होते हैं और अधिक महंगे भी हो सकते हैं।
- उदाहरण: महिंद्रा XUV700, टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी बड़ी एसयूवी और सेडान में यह आम है।
आपके लिए कौन सा ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है सही?
यह फैसला पूरी तरह से आपकी ड्राइविंग प्राथमिकताओं, बजट और आप कार का उपयोग कैसे करेंगे, इस पर निर्भर करता है। यदि आपका बजट सीमित है और आप अच्छी ईंधन दक्षता के साथ शहरी ड्राइविंग के लिए एक आसान कार चाहते हैं, तो एएमटी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यदि आप शहर में बेहद स्मूथ और आरामदायक ड्राइविंग चाहते हैं, तो सीवीटी सबसे अच्छा है। तेज और स्पोर्टी परफॉर्मेंस के शौकीनों के लिए डीसीटी आदर्श है, जबकि मैनुअल फील और क्लच-फ्री सुविधा चाहने वालों के लिए आईएमटी एक बढ़िया विकल्प है। यदि आप एक मजबूत, विश्वसनीय और उच्च परफॉर्मेंस वाला ट्रांसमिशन चाहते हैं, तो टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन बेहतरीन है। अंततः, अपनी जरूरतों को समझें और एक टेस्ट ड्राइव के बाद ही कोई निर्णय लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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