



Vehicle Scrappage Policy: दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार अब कमर कस चुकी है। पुराने और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि नए वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
दिल्ली-NCR में Vehicle Scrappage Policy से बदलेंगे नियम: जानें क्या हैं सरकार की नई तैयारी
दिल्ली-NCR का बिगड़ता पर्यावरण और खतरनाक स्तर पर पहुंचती वायु गुणवत्ता ने सरकारों को चिंता में डाल दिया है। प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा पुराने वाहनों से निकलता है, जो आधुनिक उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसी समस्या से निपटने के लिए, केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें मिलकर एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रही हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य सड़कों से ऐसे वाहनों को हटाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Vehicle Scrappage Policy का उद्देश्य और क्रियान्वयन
इस नीति का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाना है, जिससे वायु प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके। इसके तहत, 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को दिल्ली-NCR की सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त निर्देशों के बाद से इस नियम का पालन अनिवार्य हो गया है। सरकार अब इस प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है, जिसमें पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहन भी शामिल है। यह नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी बल्कि ऑटोमोबाइल उद्योग को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि लोग पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नए, अधिक ईंधन-कुशल और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन खरीदने के लिए प्रेरित होंगे।
पुराने वाहनों पर शिकंजा और नए नियमों का प्रभाव
पुराने वाहनों पर शिकंजा कसने का सीधा असर वायु गुणवत्ता में सुधार के रूप में देखा जाएगा। सरकार ने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर कई तरह के फायदे देने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें नए वाहन की खरीद पर छूट और रोड टैक्स में रियायत शामिल है। इससे लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा और वे बिना किसी झिझक के अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करा सकेंगे। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जहां वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा और उनके उपयोगी पुर्जों को रीसायकल किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नए नियमों के तहत, यदि कोई वाहन मालिक अपने पुराने वाहन को स्क्रैप नहीं करवाता है और वह दिल्ली-NCR की सड़कों पर चलता हुआ पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है। सरकार का यह कदम केवल दंडित करने के लिए नहीं है, बल्कि एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए एक दूरगामी योजना का हिस्सा है। लेटेस्ट कार और बाइक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
स्वच्छ पर्यावरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
यह नीति न केवल दिल्ली-NCR बल्कि पूरे देश में स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इलेक्ट्रिक वाहनों और बीएस6 मानकों वाले वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ, पुराने वाहनों को हटाना एक संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करता है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा और शहरों में प्रदूषण का स्तर कम होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहनों की आयु सीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की समय-समय पर जांच करते रहें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। सरकार लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि लोग इस नीति के बारे में पूरी तरह से वाकिफ हों और इसमें सक्रिय रूप से भाग ले सकें। भविष्य में, ऐसी नीतियों से देश में प्रदूषण के स्तर को स्थायी रूप से कम करने में मदद मिलेगी और एक हरित भविष्य की नींव रखी जाएगी।



