

E20 Petrol: जल्द ही देश के सभी पेट्रोल पंपों पर सिर्फ E20 पेट्रोल मिलना शुरू हो जाएगा, और यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में अनिवार्य हो जाएगा। यह एक बड़ा कदम है जिसका असर हर वाहन मालिक पर पड़ेगा।
E20 Petrol: क्या आपकी गाड़ी के माइलेज पर पड़ेगा असर? जानें पूरा सच!
E20 Petrol और पुरानी गाड़ियों की चिंता
भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में E20 पेट्रोल को अनिवार्य करने का फैसला वाहन चालकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी गाड़ियां पुरानी हैं, यह जानना बेहद ज़रूरी है कि E20 पेट्रोल उनकी कार या बाइक के प्रदर्शन को कैसे प्रभावित कर सकता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या E20 पेट्रोल आपकी गाड़ी की माइलेज कम कर देगा? आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई वाहन मालिक इस बदलाव को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उनकी पुरानी गाड़ियां उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं।
यह समझना आवश्यक है कि E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि मौजूदा समय में E10 पेट्रोल उपलब्ध है जिसमें 10% इथेनॉल होता है। इथेनॉल एक बायोफ्यूल है जो प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने में मदद करता है। हालांकि, इसकी कैलोरीफिक वैल्यू पेट्रोल से कम होती है, जिसका सीधा असर इंजन के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। लेटेस्ट कार और बाइक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें। इस बदलाव से जुड़ी हर बारीक जानकारी हम आपको देंगे।
माइलेज पर E20 का प्रभाव और समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, खासकर उन वाहनों में जो इसके लिए अनुकूल नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कमी 5% से 7% तक हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व पेट्रोल से कम होती है, जिससे इंजन को उतनी ही शक्ति उत्पन्न करने के लिए थोड़ी अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है। नई गाड़ियां जो E20 अनुकूल हैं, उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उनके इंजन को इस ईंधन के साथ बेहतर ढंग से काम करने के लिए कैलिब्रेट किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां इस संक्रमण काल को सुगम बनाने के लिए काम कर रही हैं। कई नए मॉडल पहले से ही E20 ईंधन के अनुकूल आ रहे हैं। पुराने वाहनों के लिए, कुछ निर्माता रेट्रोफिट किट या सॉफ्टवेयर अपडेट पर विचार कर सकते हैं, हालांकि इसकी उपलब्धता और लागत एक एक महत्वपूर्ण पहलू होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इथेनॉल मिश्रण पर्यावरण के लिए बेहतर है और लंबी अवधि में देश के लिए आर्थिक लाभ भी प्रदान करेगा।

