



Maruti Suzuki Small Cars: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुजुकी का दबदबा हमेशा से रहा है, लेकिन अब समय बदल रहा है। ग्राहकों की पसंद में आए बदलाव के कारण कंपनी की छोटी कारों की बिक्री लगातार गिरती जा रही है, जो एक समय भारतीय सड़कों पर राज करती थीं। जनवरी 2026 के आंकड़ों ने इस चिंताजनक ट्रेंड को और भी स्पष्ट कर दिया है, जब कई पॉपुलर छोटी गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई।
भारत में घटती Maruti Suzuki Small Cars की बिक्री: क्या छोटे सेगमेंट का दौर खत्म?
Maruti Suzuki Small Cars: ग्राहकों की बदलती पसंद और भविष्य की राह
एक समय था जब मारुति सुजुकी की ऑल्टो, वैगनआर और सेलेरियो जैसी छोटी कारें भारतीय परिवारों की पहली पसंद हुआ करती थीं। इनकी किफायती कीमत, कम रखरखाव लागत और बेहतरीन माइलेज इन्हें बेजोड़ बनाते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन अब ग्राहक सिर्फ इन मूलभूत सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं। आज के खरीदार अपनी कार में बेहतर सेफ्टी फीचर्स, आधुनिक इन्फोटेनमेंट सिस्टम और एक दमदार रोड प्रेजेंस चाहते हैं, जिसके चलते कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट ने जोर पकड़ा है।
छोटा कार सेगमेंट, जिसने दशकों तक भारत में एक मजबूत बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी थी, अब कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उपभोक्ता अब बड़ी और अधिक सुविधा संपन्न कारों की ओर रुख कर रहे हैं। इन छोटी कारों में **फीचर्स** को लेकर भी ग्राहकों की उम्मीदें बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए, एक सस्ती कार में भी अब टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट, पावर विंडो, एयरबैग्स और एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर्स की मांग आम है। जनवरी 2026 के बिक्री आंकड़ों पर गौर करें तो, कई प्रतिष्ठित छोटे मॉडलों ने पिछले साल की तुलना में दोहरे अंकों में गिरावट दर्ज की है, जो सीधे तौर पर इस बदलते रुझान को दर्शाता है। यह सिर्फ एक अस्थायी झटके से कहीं बढ़कर है; यह एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत देता है। लेटेस्ट कार और बाइक अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
कीमत, फीचर्स और प्रतिस्पर्धी चुनौतियां
छोटी कारों का बाजार अब पहले जैसा नहीं रहा है। भले ही मारुति सुजुकी ने हमेशा किफायती विकल्प दिए हैं, लेकिन आज की पीढ़ी उन गाड़ियों को प्राथमिकता दे रही है जो सड़क पर एक अलग छाप छोड़ें और साथ ही पर्याप्त **फीचर्स** प्रदान करें। ऑल्टो K10, सेलेरियो और वैगनआर जैसी कारों की एक्स-शोरूम कीमत आमतौर पर 3.99 लाख रुपये से शुरू होकर 7 लाख रुपये तक जाती है। ये कारें भारत में किफायती और भरोसेमंद विकल्प के रूप में जानी जाती हैं। इनकी मुख्य फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स इस प्रकार हैं:
- इंजन और परफॉरमेंस:
- इंजन क्षमता: 1.0 लीटर से 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन
- पावर: लगभग 65-89 BHP
- टॉर्क: लगभग 89-113 Nm
- माइलेज (ARAI): 22 से 25 किलोमीटर प्रति लीटर
- मुख्य फीचर्स:
- मैनुअल और AMT ट्रांसमिशन विकल्प
- पावर विंडो
- एयर कंडीशनर
- डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर (कुछ वेरिएंट में)
- टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम (टॉप वेरिएंट में)
- स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल (कुछ वेरिएंट में)
- सुरक्षा फीचर्स:
- डुअल फ्रंट एयरबैग्स
- एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD)
- रियर पार्किंग सेंसर्स
- स्पीड अलर्ट सिस्टम
हालांकि, ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में कुछ छोटी कारों को औसत रेटिंग मिली है, जो आधुनिक खरीदारों के लिए चिंता का विषय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रतिस्पर्द्धा की बात करें तो, टाटा पंच (Tata Punch), हुंडई एक्सटर (Hyundai Exter), रेनॉल्ट क्विड (Renault (Kwid)) और सिट्रोएन C3 (Citroen C3) जैसी गाड़ियां अब छोटे हैचबैक खरीदारों को भी अपनी ओर खींच रही हैं। ये गाड़ियां कॉम्पैक्ट एसयूवी या क्रॉसओवर लुक के साथ आती हैं और अक्सर बेहतर ग्राउंड क्लियरेन्स, आधुनिक केबिन और उच्च सुरक्षा रेटिंग प्रदान करती हैं, जो मारुति की छोटी कारों के लिए सीधी चुनौती है।
मार्केट पोजीशन के लिहाज़ से, मारुति सुजुकी अभी भी ओवरऑल मार्केट लीडर है, लेकिन छोटी कारों के सेगमेंट में उसे अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। कंपनी को या तो अपनी छोटी कारों को अधिक फीचर्स और मजबूत सुरक्षा रेटिंग के साथ अपडेट करना होगा, या फिर ग्राहकों की बढ़ती कॉम्पैक्ट एसयूवी की मांग को पूरा करने के लिए नए मॉडल पेश करने होंगे। भविष्य में कंपनी का ध्यान सिर्फ बिक्री के आंकड़े बनाए रखने पर नहीं, बल्कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझने और उन्हें पूरा करने पर होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






