

Amit Shah Araria: सीमांचल की सियासत में हलचल तेज है, और इस सियासी बिसात पर गृह मंत्री ने घुसपैठियों के खिलाफ अपना सबसे बड़ा दांव चल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के दूसरे दिन अररिया पहुंचे। यहां उन्होंने सिकटी प्रखंड में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं बटालियन के लेटी स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और घुसपैठियों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया।
Amit Shah Araria दौरे पर, सीमा सुरक्षा को लेकर किया बड़ा ऐलान
गृह मंत्री ने ऐलान किया कि सीमा से दस किलोमीटर के अंदर तक के सभी अवैध अतिक्रमण को समाप्त किया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने साफ कहा कि वे घुसपैठियों को बाहर करने के बाद ही वोट मांगने आएंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उन्होंने इस कार्य को एक बड़ी चुनौती मानते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार, सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक ठोस कार्य योजना तैयार करेगी ताकि इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सके। सीमा सुरक्षा प्रबंधन के तहत, सीमा के दस किलोमीटर के दायरे से अवैध अतिक्रमण हटाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
जनसांख्यिकी बदलाव पर जताई गहरी चिंता
अपने संबोधन में अमित शाह ने घुसपैठ के कारण हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव को देश की संस्कृति और डेमोग्राफी के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इस पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो न केवल सीमांत क्षेत्रों बल्कि पूरे देश में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की समीक्षा करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल के साथ-साथ बिहार और झारखंड में यह बदलाव सबसे अधिक देखने को मिला है।
इसकी रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कंटीले तार और बाड़ लगाने का काम तेज किया जाएगा। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने वादे को दोहराते हुए कहा कि सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालने का जो संकल्प लिया था, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर भारत-नेपाल सीमा से लेकर हेलीपैड और बीओपी कैंप तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, जिसमें बिहार पुलिस के साथ-साथ एसएसबी और सीआरपीएफ के जवान बड़ी संख्या में तैनात थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले, लेटी पहुंचने पर डीएम विनोद दूहन, एसपी जितेंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा, सांसद प्रदीप कुमार सिंह और विधायक विजय कुमार मंडल समेत कई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।



