
Araria News: कुदरत का रौद्र रूप जब धरती पर उतरता है, तो इंसानी बस्तियों में सिर्फ तबाही का मंजर छोड़ जाता है। अररिया में शुक्रवार की रात से कुछ ऐसा ही हुआ है और हो रहा है जब आसमानी आफत ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। शुक्रवार देर रात आई भयंकर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जिले में भारी तबाही मचाई, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
Araria News: फसलों पर कहर और घरों पर टूटा संकट
इस आसमानी आफत ने सबसे ज्यादा चोट किसानों पर की है। जिले में सैकड़ों एकड़ में लहलहा रही मक्के की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। तेज हवाओं के झोंकों ने पौधों को जमीन पर बिछा दिया। इसके अलावा गेहूं और सरसों की तैयार फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। आम के पेड़ों पर लगे मंजर और छोटे फल (टिकोले) भी हवा में झड़ गए, जिससे बागवानी करने वाले किसानों को भी बड़ा झटका लगा है।初步 अनुमान के अनुसार, इस आपदा से अकेले फसलों का नुकसान करोड़ों रुपये में हो सकता है।
फसलों के अलावा, जन-जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सैकड़ों कच्चे घरों की छप्परें और टिन की चादरें हवा में उड़ गईं, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिले के पलासी में एक मोबाइल टावर भी इस तूफान की भेंट चढ़ गया। बिजली व्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है। पेड़ों की टहनियां और कई जगह पूरे पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जिसके चलते कई इलाकों में शुक्रवार रात से ही बिजली गुल है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फारबिसगंज में मातम, एक बच्चे की मौत, तीन घायल
इस प्राकृतिक आपदा ने एक परिवार की खुशियां भी छीन लीं। फारबिसगंज के कोठीहाट वार्ड संख्या दो में एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां संजय राय अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे, तभी तेज आंधी के कारण उनके मकान की दीवार ढह गई। परिवार के बाकी सदस्य तो बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन उनका तीन वर्षीय बेटा शिवम कुमार मलबे की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है।
वहीं, फारबिसगंज के ही दरभंगिया टोला वार्ड संख्या 11 में एक और बड़ा हादसा हुआ। यहां मोहम्मद नाजिर अपने परिवार के साथ टीन के बने कच्चे मकान में रहते थे। तूफान के दौरान पास में ही मौजूद जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (JCI) की दीवार पर एक बड़ा बरगद का पेड़ गिर गया। पेड़ के दबाव से दीवार सीधे नाजिर के घर पर आ गिरी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस हादसे में उनके तीन बच्चे, 12 वर्षीय मुंतज़िर, 5 वर्षीय मुनाजिर और 7 वर्षीय नसीबा उर्फ मन्तसा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी है, ताकि यातायात व्यवस्था को फिर से बहाल किया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




