
आवेश आलम अररिया। Araria News: नशा, एक ऐसा दीमक जो समाज की नींव को धीरे-धीरे खोखला कर देता है। इसी दीमक के समूल नाश के लिए जब कानून के रखवाले, प्रशासन के प्रहरी और न्याय के मूर्ति एक साथ एक मंच पर आए, तो अररिया की धरती एक ऐतिहासिक विमर्श की गवाह बनी।
Araria News: नशे के खिलाफ अररिया में जजों और अफसरों का महामंथन, NDPS एक्ट पर कार्यशाला में बनी ठोस रणनीति!
रविवार का दिन अररिया के लिए एक नई सुबह लेकर आया, जब व्यवहार न्यायालय सभागार में नशा उन्मूलन के खिलाफ एक बड़ी बौद्धिक लड़ाई की नींव रखी गई। मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और नशे की बढ़ती लत पर प्रभावी ढंग से लगाम कसने के उद्देश्य से एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के प्रावधानों को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुंजन पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था ताकि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाया जा सके। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे साक्ष्य संकलन से लेकर आरोप पत्र दाखिल करने तक की प्रक्रिया में छोटी-सी चूक भी बड़े अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Araria News: न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस की त्रिवेणी ने लिया नशा मुक्त समाज का संकल्प
इस कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें न्याय, प्रशासन और पुलिस, यानी कानून व्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तंभों के पदाधिकारी एक साथ शामिल हुए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि मादक पदार्थ का कारोबार सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि यह पूरी पीढ़ी को बर्बाद करने वाला एक सामाजिक अभिशाप है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, जिलाधिकारी ने प्रशासनिक स्तर पर नशा मुक्ति अभियानों को और तेज करने तथा जन-जागरूकता फैलाने पर बल दिया।
पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान और अभियोजन पक्ष की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस विभाग नशे के सौदागरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से पुलिस अधिकारियों को कानूनी बारीकियों को समझने में मदद मिलती है, जिससे केस मजबूत होता है।
कानून के हर पहलू पर हुई गहन चर्चा
कार्यशाला के दौरान एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न धाराओं, सबूत इकट्ठा करने के वैज्ञानिक तरीकों, गवाहों की सुरक्षा और मामलों के त्वरित निष्पादन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। न्यायिक पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच में की जाने वाली आम गलतियों की ओर ध्यान दिलाया और उनसे बचने के उपाय भी सुझाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मंथन का सार यह था कि जब तक तीनों विभाग एक इकाई के रूप में काम नहीं करेंगे, तब तक नशे के खिलाफ यह लड़ाई अधूरी रहेगी। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि अररिया का प्रशासन इस सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कितना गंभीर और एकजुट है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भविष्य में भी इस तरह के संयुक्त प्रयासों को जारी रखने पर सहमति बनी।







