
Araria News: अररिया में अब वाहन खरीदकर रजिस्ट्रेशन के लिए महीनों इंतजार करने का दौर खत्म होने वाला है, क्योंकि जिला परिवहन विभाग ने डीलरों पर नकेल कस दी है। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संजीव कुमार सज्जन की अध्यक्षता में जिले के सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए।
Araria News: डीटीओ ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में डीटीओ ने स्पष्ट किया कि वाहन बिक्री के 24 से 48 घंटे के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फॉर्म-20, फॉर्म-21 और सेल लेटर को ‘वाहन’ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों को अपलोड करने में होने वाली देरी या गलतियों के कारण आम लोगों को आरसी मिलने में विलंब होता है, जिससे न केवल उन्हें असुविधा होती है बल्कि विभाग की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बैठक में 6 महीने और 12 महीने से अधिक समय से लंबित पड़े मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डीटीओ ने डीलर-वार लंबित मामलों की जानकारी देते हुए सभी विक्रेताओं को 20 मार्च तक इन सभी लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन वाहनों का बीमा समाप्त हो गया है, उनका नवीनीकरण कराकर अद्यतन बीमा दस्तावेज भी अपलोड किए जाएं, ताकि वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर भी सख्ती
बैठक के दौरान हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से संबंधित लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। डीटीओ ने निर्देश दिया कि जैसे ही नंबर प्लेट उपलब्ध हो, उसे तुरंत वाहन पर लगाया जाए और पोर्टल पर ‘मार्क फिटेड’ की प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बिना HSRP लगे किसी भी वाहन को शोरूम से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि कई विक्रेताओं द्वारा पोर्टल पर HSRP लगने की सूचना अपडेट नहीं की जाती, जिस कारण आम नागरिकों को बेवजह परेशानी भरे मैसेज मिलते रहते हैं।
राजस्व संग्रहण को लेकर भी कड़े निर्देश
जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी वाहन विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिया कि वाहन की बिक्री के साथ ही रोड टैक्स और अन्य सरकारी शुल्कों का भुगतान समय पर ऑनलाइन माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि टैक्स भुगतान में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी को राजस्व की हानि माना जाएगा और ऐसी स्थिति में लगने वाला ब्याज और दंड संबंधित विक्रेता को ही वहन करना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाना है, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



