back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 13, 2026
spot_img

Araria Land Dispute: शरीयत कानून को ताक पर रखकर बेची गई जमीन, परिवार में दरार

spot_img
- Advertisement -

आवेश आलम, अररिया । Araria Land Dispute: जमीन का विवाद अक्सर रिश्तों की नींव हिला देता है, और जब इसमें मजहबी कानून की मर्यादा भंग हो, तो आग और भड़क उठती है। ऐसा ही एक मामला बिहार के अररिया जिले से सामने आया है, जहाँ एक पुत्र पर शरीयत के तयशुदा हिस्से से कहीं अधिक जमीन बेचने का गंभीर आरोप लगा है, जिसने परिवार में भूचाल ला दिया है।

- Advertisement -

Araria Land Dispute: शरीयत कानून को ताक पर रखकर बेची गई जमीन, परिवार में मचा बवाल

अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र की घघरी पंचायत, ग्राम सोनपुर वार्ड 7 में एक Araria Land Dispute का मामला अब खुलकर सामने आ गया है, जिसने पूरे परिवार में दरार पैदा कर दी है। यह विवाद मोहम्मद सत्तार की 52 डिसमिल जमीन से जुड़ा है, जो घघरी मौजा के खाता संख्या 366, खेसरा 2621 में दर्ज है। मोहम्मद सत्तार के निधन के बाद उनकी पत्नी सोना भान, तीन पुत्र (रफीक, एजाजुल हक, नजरुल हक) और चार पुत्रियां (नुरेशा खातून, नईमा खातून, साईमा खातून, आसमा खातून) वारिस के रूप में हैं।

- Advertisement -

जमीन बंटवारे में Araria Land Dispute और शरीयत का उल्लंघन

इस्लामी विरासत कानून के अनुसार, जब संतानें मौजूद हों, तो पत्नी को मृतक की संपत्ति का 1/8 हिस्सा मिलता है, और शेष संपत्ति पुत्रों व पुत्रियों में इस नियम से बांटी जाती है कि पुत्र को पुत्री से दोगुना हिस्सा प्राप्त होता है। इस गणना के आधार पर, मोहम्मद रफीक का वैध हिस्सा मात्र 9.1875 डिसमिल बनता है। परंतु आरोप है कि मोहम्मद रफीक ने अपने निर्धारित हिस्से से कहीं अधिक, सीधे 15 डिसमिल जमीन अपनी पत्नी के नाम, जहानुर के हाथों, जिला निबंधन कार्यालय अररिया में डीड संख्या 6348 के माध्यम से बेच दी। यह कृत्य शरीयत के सिद्धांतों और पारिवारिक अधिकारों, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दोनों का घोर उल्लंघन है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Araria News: फारबिसगंज में आधी रात को मचा हड़कंप, घर और गोदाम से निकले 250 से ज्यादा अवैध गैस सिलेंडर

अधिकारों के लिए प्रशासनिक दरवाजे खटखटाता परिवार

इस अवैध बिक्री से रफीक के दूसरे भाई नजरुल हक बेहद नाराज हैं। वे न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और अंचल कार्यालय तक के चक्कर लगा रहे हैं। नजरुल हक और उनके परिवार की स्पष्ट मांग है कि:

  • जब तक जमीन का कानूनी और शरीयत के अनुसार उचित बंटवारा नहीं हो जाता, तब तक अंचल अधिकारी (CO) इस जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) पर तुरंत रोक लगाएं।
  • यह कदम भविष्य में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या हेराफेरी को रोकने के लिए आवश्यक है।
यह भी पढ़ें:  Araria News: फारबिसगंज में आधी रात को मचा हड़कंप, घर और गोदाम से निकले 250 से ज्यादा अवैध गैस सिलेंडर

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

परिवार का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विवाद और भी बड़ा रूप ले सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह अब सिर्फ एक घरेलू विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कानून, रजिस्ट्री नियमों और इस्लामी विरासत कानून के टकराव का एक महत्वपूर्ण मामला बन गया है, जिस पर पूरे इलाके की प्रशासनिक व्यवस्था की पैनी नजर है। ऐसे मामलों में प्रशासन की सक्रियता ही न्याय सुनिश्चित करती है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

कुंभ में बुध गोचर का उदय: इन तीन राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

Budh Gochar: ब्रह्मांड में ग्रहों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता...

राजस्थान बोर्ड RBSE 10th Exam: अब साल में दो बार होगी 10वीं की परीक्षा, छात्रों को मिलेगा बेहतर मौका

RBSE 10th Exam: स्कूल शिक्षा में एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।...

ममता कुलकर्णी का 25 साल बाद टीवी पर कमबैक: लाफ्टर शेफ 3 में दिखाया जलवा, प्रोमो हुआ वायरल!

Mamta Kulkarni News: 90 के दशक की वो बेबाक अदाकारा, जिसने अपनी अदाओं से...

कुलदीप यादव की शादी में उमड़े सितारे, चहल और रिंकू पहुंचे देहरादून

Kuldeep Yadav: भारतीय क्रिकेट के मिस्ट्री स्पिनर कुलदीप यादव अब एक नई पारी खेलने...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें