



आवेश आलम अररिया। Araria News: शिकायतों का पिटारा खुला तो मानो समस्याओं का सैलाब उमड़ पड़ा, हर चेहरे पर एक उम्मीद थी कि साहब सुनेंगे और इंसाफ होगा। अररिया के परमान सभागार में जब ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ का मंच सजा तो जिले के कोने-कोने से फरियादी अपनी अर्जियां लेकर पहुंचे, जहां कुल 101 मामलों की सुनवाई हुई।
Araria News: जनता दरबार में भूमि विवाद के मामले छाए रहे
बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 कार्यक्रम के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ पहल के अंतर्गत यह आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वयं जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की। दरबार में पहुंचे लोगों की शिकायतों में सबसे अधिक संख्या भूमि से जुड़े मामलों की थी, जो जिले में भूमि विवाद की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों से उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान कई विशिष्ट मामले सामने आए। श्यामानंद शर्मा ने शिकायत की कि रानीगंज के अंचल अधिकारी डीएसएलआर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। वहीं, सुलोचना देवी ने भूमि बंदोबस्त कराने की गुहार लगाई, जबकि अजय कुमार ने अपनी भूमि की मापी कराने के लिए आवेदन दिया।
बिजली बिल से लेकर मुआवजे तक, हर तरह की शिकायतें
दरबार में केवल जमीन के मामले ही नहीं थे। श्यामलाल पासवान ने चौकीदार एवं दफादार को एसीपी-एमएसीपी का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। दुर्गेद्र कुमार झा ने बेतहाशा बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत दर्ज कराई तो बेचन पासवान ने अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने का दर्द बयां किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी तरह, जुलेखा देवी ने भी एक जटिल भूमि विवाद का मामला प्रस्तुत किया और संजू देवी ने वासगित पर्चा जारी करने की मांग रखी।
जिलाधिकारी ने सभी मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का निष्पादन एक तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान करना है।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता, और अररिया एवं फारबिसगंज के भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित कई अन्य विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई मामलों का तो मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।




