
स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई: बिहार के अररिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सरकारी अस्पतालों में हुई जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले पांच स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया है। इस कदम से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज
जिलाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच कराई थी। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कई लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतगंज और अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज में डॉ. आशुतोष कुमार और डॉ. अर्चना प्रसाद बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसी तरह, नरपतगंज में स्टाफ नर्स चंदन कुमार और रोहित सिंह भी गैरहाजिर मिले। सदर अस्पताल अररिया में स्टाफ नर्स सुप्रिया कुमारी भी अनुपस्थित पाई गईं। इन सभी पांच स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोकने के साथ ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। डीएम ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं में उजागर कमियां और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई
- पलासी, भरगामा, नरपतगंज, कुर्साकाटा सहित फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल और रानीगंज रेफरल अस्पताल में टायफाइड किट उपलब्ध नहीं थी। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- जोकीहाट और कुर्साकांटा के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली भोजन सुविधा बंद मिली। संबंधित एजेंसी से जवाब-तलब किया गया है और तुरंत भोजन सेवा बहाल करने का आदेश दिया गया है।
- सिकटी, भरगामा एवं नरपतगंज में सिटिजन चार्टर प्रदर्शित नहीं पाया गया, जिस पर चेतावनी देते हुए इसे तत्काल प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
- फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में दिन के रंग के अनुरूप बेडशीट उपलब्ध नहीं थीं। प्रभारी उपाधीक्षक एवं अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- भरगामा एवं जोकीहाट में सेवाकाल लाभ से संबंधित दो मामले लंबित मिले। इनमें से एक मामला प्रक्रियाधीन है, जबकि दो सिविल सर्जन के पास भेजे गए हैं। सिविल सर्जन को इनकी समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया है।
- सिकटी, पलासी एवं कुर्साकांटा में सेमी ऑटो एनालाइजर एवं ट्रूनेट शून्य पाया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से जवाब-तलब करते हुए जांच सुविधा सुचारू रूप से शुरू करने को कहा गया है।
- भरगामा स्वास्थ्य केंद्र में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के तहत डॉक्टर, सीएचओ एवं एएनएम की उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही थी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछते हुए वेतन भुगतान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
इन सभी मुद्दों पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से जवाब मांगा है और उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस व्यापक स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई का उद्देश्य जिले में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था कायम करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







