

Araria Murder: प्रेम संबंधों की कीमत एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। बिहार के अररिया जिले में खाप पंचायत जैसी बर्बरता का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां प्रेमिका से मिलने गए युवक को गांववालों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
Araria Murder: क्या है पूरा मामला?
बिहार के अररिया जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के पहुंसरा पंचायत अंतर्गत एक गांव में प्रेमिका से मिलने आए युवक को ग्रामीणों ने बर्बरतापूर्वक पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पूर्णिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह दर्दनाक घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती ग्रामीण हिंसा बिहार की चिंताजनक तस्वीर पेश की है।
मृतक युवक नरपतगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी संजय दास का पुत्र अमर उर्फ अमरजीत कुमार (22) है। जानकारी के अनुसार मृतक अमर को सोशल मीडिया के माध्यम से गांव के एक नाबालिग से प्रेम हो गया था। वह लकड़ी से मिलने गांव आया था। बहुत बातें स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अमर अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए गांव आया था, जिसकी भनक गांववालों को लग गई। इसके बाद भीड़ ने उसे घेर लिया। खूंटे में बांधकर पिटाई शुरू कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक बुरी तरह से चीखता रहा और रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भीड़तंत्र की बर्बरता: कानून हाथ में लेने का अधिकार किसे?
लड़की के स्वजनों ने दोनों को एक साथ देख लिया और खूंटे से बांधकर जमकर पिटाई की। सूचना मिलने पर बौंसी पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और घायल अवस्था में युवक को रानीगंज अस्पताल पहुंचाया। इधर घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार है। यह घटना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है कि आखिर कैसे कुछ लोग कानून को अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले सकते हैं। ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं, जो दर्शाती हैं कि अभी भी कुछ इलाकों में आपसी समझ और कानून के प्रति सम्मान का अभाव है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी ग्रामीण हिंसा बिहार की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रेम संबंधों को लेकर आज भी समाज का एक तबका संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित है, जो हिंसक कृत्यों को अंजाम देने से भी नहीं हिचकता।




