

आवेश आलम अररिया। India-Nepal Border: जैसे दो देशों के बीच की सरहदें सिर्फ लकीरें नहीं, बल्कि सांझी विरासत और सुरक्षा की डोर होती हैं, और जब पड़ोसी देश में लोकतंत्र का पर्व हो, तो इस डोर को और मजबूत करना लाजमी हो जाता है। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह से सील करने का निर्णय लिया गया है।
India-Nepal Border पर क्यों बढ़ाई गई चौकसी?
पड़ोसी देश नेपाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक मानक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों को रोकना है। सीमा सील होने से असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी, जिससे चुनाव में किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप की आशंका समाप्त हो जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
इस दौरान सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवान मिलकर काम कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षाबलों की सक्रियता बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु सीमा पार न कर सके।
संयुक्त गश्त और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोनों देशों के सुरक्षा बल सीमा पर लगातार संयुक्त गश्त कर रहे हैं। इस संयुक्त अभियान का मुख्य लक्ष्य अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नकेल कसना है, जो अक्सर चुनावी माहौल का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। यह कदम दोनों राष्ट्रों के बीच मजबूत सुरक्षा सहयोग को भी दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सीमा सील की अवधि के दौरान, केवल आपातकालीन वाहनों और विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को ही आवागमन की इजाजत दी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/।
आपातकालीन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर
हालांकि सीमा को आम आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इससे आपातकालीन सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को जांच के बाद आने-जाने की अनुमति होगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि इस फैसले से किसी भी नागरिक को चिकित्सकीय या अन्य आपातकालीन स्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े। आगामी आम चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और शांतिपूर्ण मतदान के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।





