

आवेश आलम अररिया। Motor Driving Course: सीमा पर सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले हाथ अब युवाओं के भविष्य को दिशा देने के लिए स्टीयरिंग थाम रहे हैं। अररिया में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक ऐसी ही पहल की है, जो बेरोजगारी के अंधेरे में उम्मीद की किरण बनकर आई है। एसएसबी 52वीं वाहिनी की डुमरिया बाह्य सीमा चौकी ने शुक्रवार को अपने नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत बेरोजगार नौजवानों के लिए एक विशेष मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
यह पहल एसएसबी 52वीं वाहिनी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप के दिशा-निर्देश में शुरू की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर पांच दर्जन से भी अधिक युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इसमें गहरी अभिरुचि दिखाई। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में युवाओं को ऐसे अवसरों की कितनी आवश्यकता है।
क्या है यह Motor Driving Course और कैसे मिलेगा प्रशिक्षण?
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद पेशेवर तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें भाग लेने वाले युवाओं को केवल गाड़ी चलाना ही नहीं सिखाया जाएगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार चालक बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। पाठ्यक्रम के तहत ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी के साथ-साथ ड्राइविंग की थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षण के बाद युवा न केवल एक बेहतर रोजगार हासिल कर सकें, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग की संस्कृति को भी बढ़ावा दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एसएसबी के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं। ड्राइविंग एक ऐसा हुनर है, जिसकी मांग हमेशा बनी रहती है और यह स्वरोजगार का एक बेहतरीन माध्यम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्थानीय युवाओं में दिखा भारी उत्साह
कार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं के चेहरे पर एक नई उम्मीद और आत्मविश्वास की चमक साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने एसएसबी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर प्रदान करेंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से भरण-पोषण भी कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एसएसबी द्वारा समय-समय पर सीमावर्ती इलाकों में ऐसे नागरिक कल्याण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है, जो बल और स्थानीय आबादी के बीच एक मजबूत रिश्ते की नींव रखते हैं।


