

आवेश आलम अररिया। आज फिर महंगाई का जिन्न बोतल से बाहर आया है, और इस बार सीधा आपकी जेब पर हमला करने को तैयार है। अगर आप सिगरेट, पान मसाला या खैनी के शौकीन हैं, तो समझिए आज से आपके शौक का बिल और भारी होने वाला है। सरकार ने इन नशीले उत्पादों पर टैक्स का ऐसा डंडा चलाया है कि तलब मिटाने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा।
Tobacco Tax: तंबाकू उत्पादों पर 40% GST और नया उत्पाद शुल्क
केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले टैक्स में भारी-भरकम इजाफा किया है, जिसका सीधा असर अब उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। 1 फरवरी से सिगरेट, पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40% वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू हो गया है। इसके साथ ही, इन उत्पादों पर एक नया उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और हेल्थ सेस भी लगाया गया है। पहले इन पर 28% GST के साथ ‘कंपनसेशन सेस’ लगता था। इस बदलाव से सरकार का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन तंबाकू के शौकीनों के लिए यह एक बुरी खबर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
3 सितंबर 2025 को किए गए बदलावों के परिणामस्वरूप, सिगरेट के मामले में, नई एक्साइज ड्यूटी उसकी लंबाई के आधार पर तय की गई है। अब प्रति सिगरेट स्टिक पर ₹2.05 से लेकर ₹8.5 तक का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। यह शुल्क भी 40% GST के अलावा होगा, जिससे सिगरेट की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी। सरकार का यह कदम तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बीड़ी को मिली राहत, क्या हैं इसके मायने?
हालांकि, इस नए टैक्स ढांचे में बीड़ी को कुछ राहत मिली है। सरकार ने बीड़ी पर GST की दर को घटाकर 18% कर दिया है। यह कदम शायद बीड़ी उद्योग और इससे जुड़े लाखों कामगारों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, या फिर इसे गरीबों के लिए एक सस्ता विकल्प के तौर पर देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीड़ी पर GST कम होने से इसकी कीमतें स्थिर रह सकती हैं, जबकि अन्य तंबाकू उत्पाद की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। बाजार में अब कोई भी उत्पाद खरीदने से पहले लोग दाम को लेकर दो बार सोचेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस टैक्स बढ़ोतरी का उद्देश्य न केवल सरकार के लिए राजस्व जुटाना है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना भी है। तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी बोझ पड़ता है। उम्मीद है कि कीमतें बढ़ने से लोग इन उत्पादों से दूरी बनाएंगे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नीति तंबाकू उत्पादों की खपत पर कितना प्रभावी असर डालती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

