
जानकारी के अनुसार,हर्ष फायरिंग की बढ़ती घटना और इससे होने वाली मौत के बाद सरकार ने इसपर सख्ती बरतने का फैसला किया है। ऐसे शस्त्रधारकों का लाइसेंस रद करने की अनुशंसा की जाएगी जो किसी समारोह में हर्ष फायरिंग करते पाये जाएंगे।
पुलिस मुख्यालय ने हर्ष फायरिंग को लेकर सभी जिलों के एसपी को विशेष निर्देश जारी किया है। इसमें बिना वजह शस्त्र का इस्तेमाल करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई? इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
राज्य में हाल के दिनों में हर्ष फायरिंग की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। हर्ष फायरिंग के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से हर्ष फायरिंग से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अब लगातार ऐसी घटनाओं को देखते हुए और हर्ष फायरिंग के बढ़ते चलन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें हर्ष फायरिंग की घटनाओं का पूरा ब्योरा डाटाबेस के साथ मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।
इसके बाद हर्ष फायरिंग में उपयोग होने वाले सभी हथियारों के लाइसेंस तत्काल रद कर दिए जाएंगे। और साथ ही, इन लाइसेंसधारकों की सूची तैयार कर इन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इससे भविष्य में इन्हें दोबारा हथियार का लाइसेंस नहीं मिलेगा।
इसमें जिलों से यह रिपोर्ट मांगी गई है, कि पिछले एक साल में हर्ष फायरिंग की कितनी घटनाएं दर्ज की गईं? इन घटनाओं के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई? कितने दोषियों को गिरफ्तार किया गया और सजा दिलाई गई?
साथ ही सभी जिलों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हर्ष फायरिंग की घटना सामने आते ही थाना स्तर से अविलंब पुलिस बल घटनास्थल पर भेजा जाए। इन घटनाओं में उपयोग होने वाले लगभग 65 फीसदी हथियार लाइसेंसी होते हैं।
जिले में शस्त्र लाइसेंस रद करने की कितनी अनुशंसा की गई? इसकी रिपोर्ट भी मांग गई है। इन अनुशंसाओं पर मुख्यालय स्तर से निर्णय लिया जाएगा। इसका विस्तृत डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा।
सभी जिलों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हर्ष फायरिंग की घटना सामने आते ही थाना स्तर से अविलंब पुलिस बल घटनास्थल पर भेजा जाए। पुलिस की टीम वहां जाकर घटना का वीडियो भी साक्ष्य के रूप में जब्त करे। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों का बयान लिया जाए।
अगर हर्ष फायरिंग में किसी को नुकसान न भी पहुंचे तब भी इसे अपराध मानते हुए कांड दर्ज किया जाए। मौत पर हत्या की धारा लगाकर प्राथमिकी दर्ज की जाए।