
Arrah Liquor Smuggling: बिहार के आरा रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका, जो शराब तस्करों का अड्डा बन चुका था। यहां एक ऐसा खतरनाक गैंग सक्रिय था, जो चलती ट्रेनें रोककर खुलेआम शराब की तस्करी करता था। अब इस गिरोह की कमर टूट गई है, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत 9 शातिर पकड़े गए हैं।
कैसे चलता था Arrah Liquor Smuggling का गोरखधंधा?
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ट्रेनों में चेन पुलिंग कर उन्हें सुनसान जगहों, खासकर आरा स्टेशन के आउटर या जगजीवन हॉल्ट पर रोकता था। इसके बाद अवैध शराब की खेप उतारी जाती थी। यदि कोई यात्री या पुलिसकर्मी विरोध करता, तो ये शातिर पथराव या मारपीट जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देते थे। इनकी गिरफ्तारी से आरा और आसपास के रेलमार्ग पर चल रहे Arrah Liquor Smuggling के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एक महीने से थी पुलिस को तलाश
रेलवे पुलिस और आरपीएफ की टीम पिछले करीब एक महीने से इस संगठित गिरोह के पीछे लगी थी। पुलिस को लगातार गुप्त सूचनाएं और यात्रियों से शिकायतें मिल रही थीं कि आरा स्टेशन के आउटर और आसपास के हॉल्ट पर यह गिरोह ट्रेनों को जबरन रोककर अवैध शराब की खेप उतारता है। दो दिन पहले ही इसी गिरोह के सदस्यों ने ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी थी।
जगजीवन हॉल्ट पर पुलिस पर भी किया था पथराव
गिरफ्तार किए गए शराब तस्करों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कबूल किया कि बीते बुधवार को आरा के पास जगजीवन हॉल्ट पर ट्रेन को जबरन रोककर शराब उतारने की घटना में वे ही शामिल थे। उस दिन जब पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो गिरोह ने पुलिस और ट्रेन पर भारी पथराव किया था।
27 सदस्यों का सिंडिकेट, 18 फरार तस्करों की तलाश जारी
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह सिर्फ एक छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि 27 सदस्यों का एक संगठित सिंडिकेट है। ये सभी सदस्य एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत काम करते हैं। इनका मुख्य काम दूसरे राज्यों से ट्रेनों के जरिए लाई जा रही अवैध शराब को आरा स्टेशन के आउटर या जगजीवन हॉल्ट जैसे सुनसान इलाकों में चेन पुलिंग कर उतारना और फिर उसे स्थानीय शराब माफियाओं तक पहुंचाना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिंडिकेट में शामिल बाकी 18 फरार सदस्यों की पहचान कर ली गई है। इन शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें आरा और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







