
Arrah Tanishq Loot: अक्सर अपराधी अपराध कर सोचते हैं कि वे कानून की लंबी बाहों से बच निकलेंगे, लेकिन न्याय का चक्र देर से ही सही, घूमता ज़रूर है। एक साल तक पुलिस को चकमा देने वाला ‘बाबा’ आखिरकार गिरफ्त में आ ही गया।
Arrah Tanishq Loot: एक साल बाद दबोचा गया तनिष्क लूटकांड का 7वां आरोपी ‘बाबा’, रांची से हुई गिरफ्तारी
Arrah Tanishq Loot: मुख्य आरोपी सौरभ तिवारी की गिरफ्तारी
बिहार के आरा में चर्चित तनिष्क ज्वेलर्स लूटकांड का सातवां फरार आरोपी सौरभ तिवारी उर्फ बाबा रांची से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी पिछले एक साल से इस हाई-प्रोफाइल लूट में अपनी अहम भूमिका निभाने के बाद से फरार चल रहा था। इस गिरफ्तारी से मामले की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मिली जानकारी के अनुसार, सौरभ तिवारी इस पूरे कांड का एक महत्वपूर्ण चेहरा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। विशेष कार्य बल (STF) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रांची में दबिश दी और उसे धर दबोचा। आरा पुलिस के साथ मिलकर एसटीएफ ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह गिरफ्तारी इस बात को पुष्ट करती है कि बिहार क्राइम के मामलों में पुलिस की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
लूटकांड की पूरी कहानी: ऐसे दिया गया था वारदात को अंजाम
आज से ठीक एक साल पहले आरा शहर के सबसे प्रतिष्ठित तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम में दिनदहाड़े करोड़ों की लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। हथियारबंद अपराधियों ने फिल्मी स्टाइल में शोरूम में घुसकर स्टाफ और ग्राहकों को बंधक बना लिया था और लाखों रुपये के जेवरात और नगदी लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी और पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव था। पुलिस ने तब कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन सौरभ तिवारी उर्फ बाबा लगातार फरार चल रहा था। यह कार्रवाई राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पुलिस अब सौरभ तिवारी से पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों और लूटे गए माल की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। “आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।” उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से इस बड़े लूटकांड के सभी पहलू सामने आ सकेंगे और फरार अन्य अपराधी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की यह निरंतर कोशिश रंग ला रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






