
Bihar Politics: सत्ता के गलियारों में हलचल, कुर्सी की दौड़ में कब किसका पासा पलट जाए, कहना मुश्किल। कुछ ऐसा ही नजारा हाल ही में बिहार के भोजपुर जिले में देखने को मिला, जब एक नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को पदभार संभाले महज एक दिन ही हुआ था कि पार्टी ने उनका मनोनयन रद्द कर दिया।
Bihar Politics: भोजपुर में जदयू जिलाध्यक्ष की कुर्सी 24 घंटे में पलटी, गौरीशंकर शर्मा का मनोनयन रद्द
Bihar Politics: जदयू संगठन में अचानक बदलाव से गरमाई सियासत
बिहार की राजनीतिक में हलचलें तेज हैं। ताजा घटनाक्रम भोजपुर जिले से सामने आया है, जहां जनता दल यूनाइटेड (JDU) के जिलाध्यक्ष के रूप में गौरीशंकर शर्मा का मनोनयन एक दिन के भीतर ही रद्द कर दिया गया। यह निर्णय पार्टी के अंदरूनी गलियारों में खासी चर्चा का विषय बन गया है। गौरीशंकर शर्मा को बड़ी उम्मीदों के साथ यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर ही उन्हें पदमुक्त कर दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विश्लेषकों दोनों को चौंका दिया है।
सूत्रों की मानें तो यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा कुछ गंभीर आंतरिक विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस त्वरित कार्रवाई के पीछे के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन अटकलों का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि JDU संगठन में कुछ ऐसे समीकरण थे, जो इस नियुक्ति के खिलाफ थे या किसी विशेष गुट की आपत्ति के कारण यह कदम उठाया गया।
क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम?
इस मामले पर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों इतनी जल्दबाजी में यह फैसला वापस लेना पड़ा। कुछ जानकार बताते हैं कि गौरीशंकर शर्मा के नाम पर कुछ वरिष्ठ नेताओं की असहमति थी, जिसे शायद मनोनयन से पहले पूरी तरह से सुलझाया नहीं जा सका था। वहीं, अन्य स्रोतों का कहना है कि यह किसी और मजबूत दावेदार के दबाव का नतीजा हो सकता है। यह घटना दर्शाती है कि राज्य में JDU संगठन की आंतरिक राजनीति काफी जटिल और संवेदनशील बनी हुई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पार्टी के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह की अप्रत्याशित घटना से कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है, लेकिन यह भी दिखाता है कि पार्टी नेतृत्व अपने निर्णयों में सुधार करने से हिचकता नहीं है। यह कदम दिखाता है कि पार्टी आगामी चुनावों और अपनी संगठनात्मक मजबूती को लेकर कितनी गंभीर है, और किसी भी प्रकार की आंतरिक कलह या असंतोष को बर्दाश्त नहीं करना चाहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आगे क्या होगा?
गौरीशंकर शर्मा का मनोनयन रद्द होने के बाद अब भोजपुर जिले के लिए नए जिलाध्यक्ष की तलाश तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व अब फूंक-फूंक कर कदम रखेगा ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो। इस मामले पर पार्टी की चुप्पी और भी कई सवालों को जन्म दे रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि क्या यह फैसला किसी बड़े संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत है। आपको यह खबर देशज टाइम्स बिहार का N0.1 पर मिल रही है। आने वाले दिनों में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भोजपुर में JDU की कमान आखिर किसके हाथों में जाती है और पार्टी इस आंतरिक उथल-पुथल से कैसे निपटती है।


