
Fuel Conservation: दुनिया में तनाव गहरा रहा है और तेल की कीमतें आसमान छूने को तैयार हैं। ऐसे में भारत को आत्मनिर्भर बनाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी अपील की है। अब इस अपील का असर बिहार के बांका जिले तक पहुंच गया है, जहां न्यायाधीशों ने साइकिल चलाकर एक बड़ा संदेश दिया है।
बांका जिला न्यायालय में एक अनूठी पहल देखने को मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य के नेतृत्व में सभी न्यायिक पदाधिकारी साइकिल पर सवार होकर अपने कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आम लोगों को ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रधान जिला जज सत्य भूषण आर्य ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्यूल संकट की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर पर ईंधन की बचत करे और देशहित में योगदान दे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Fuel Conservation: आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
प्रधान जिला जज ने जोर देकर कहा कि यदि भारत आज से ही स्वावलंबन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता है, तो भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट का सामना मजबूती से कर सकेगा। न्यायिक पदाधिकारियों की यह साइकिल यात्रा सिर्फ ईंधन बचत का संदेश नहीं दे रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा दे रही है। जिला जज का मानना है कि इस अभ्यास से लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और शारीरिक श्रम से काम करने की क्षमता बढ़ती है।
बदलाव की बयार: छोटी आदतें, बड़ा असर
न्यायिक पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके ईंधन बचत कर सकते हैं। उन्होंने अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने, छोटी दूरी के लिए साइकिल या पैदल चलने की आदत अपनाने और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पूरे बिहार में फैल रहा यह अभियान
यह पहल सिर्फ बांका तक सीमित नहीं है। बुधवार को औरंगाबाद जिले में भी न्यायिक पदाधिकारी साइकिल चलाते हुए कोर्ट पहुंचे थे, उनके अंगरक्षक और परिचारी भी साइकिल पर थे। युद्ध की स्थिति में पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखने के मकसद से पूरे देश में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से डीजल और पेट्रोल बचाने के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उनके काफिले में भी गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने साथ चलने वाली गाड़ियों की संख्या में कमी की है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने तो अपने स्वागत के लिए गाड़ियों का उपयोग न करने की अपील की है। बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने अपने विभाग में हर शुक्रवार को ‘साइकिल डे’ मनाने का आग्रह किया है, जो Fuel Conservation की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ईंधन बचत: बिहार में PM मोदी की अपील का असर, VIP काफिले हुए छोटे, जज भी साइकिल पर!
ईंधन बचत: देश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पर्यावरण बचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील अब बिहार में रंग ला रही है। राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमों तक, वीआईपी कल्चर में बदलाव साफ दिख रहा है। अब नेता और अधिकारी भी अपने काफिले छोटे कर रहे हैं, जिसका सबसे ताजा उदाहरण उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पटना से दरभंगा का सफर रहा।
गुरुवार को जब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना से दरभंगा के लिए रवाना हुए, तो उनके काफिले में उनकी गाड़ी समेत सिर्फ तीन वाहन थे। यह दृश्य आम लोगों के लिए काफी नया था, क्योंकि पहले उनके साथ करीब 19 गाड़ियां चला करती थीं। प्रधानमंत्री की अपील के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखते हुए गाड़ियों की संख्या कम करने का यह फैसला सराहनीय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
हालांकि, इस बीच कुछ ऐसे भी उदाहरण सामने आए, जिन पर सवाल उठे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत जब अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे, तो उनके साथ लगभग 12 गाड़ियों का काफिला था। यह तब हुआ जब एक तरफ केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार जैसे कई नेता प्रधानमंत्री मोदी की अपील के मद्देनजर ईंधन बचाने के लिए अलग-अलग कदम उठा रहे थे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने तो अपने बिहार दौरे के लिए सुरक्षा में लगी गाड़ियों की संख्या सीमित करने का निर्देश भी दिया है, जिसके लिए उनके कार्यालय ने बिहार सरकार को पत्र भी भेजा है। इसमें साफ कहा गया है कि सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से केवल आवश्यक वाहन ही उनके काफिले में शामिल किए जाएं।
अधिकारियों और न्यायपालिका में भी ईंधन बचत की पहल
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील का असर केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा। न्यायपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। बांका सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य समेत कई न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी अब साइकिल से अदालत पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में सहरसा के नगर आयुक्त भी साइकिल से कलेक्ट्रेट पहुंचे और बैठक के बाद भी अपने कार्यालय तक साइकिल से ही गए। उनके सुरक्षाकर्मी भी उनके साथ साइकिल पर दिखाई दिए। यह दिखाता है कि कैसे आम और खास सभी देश के हित में बदलाव को अपना रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री का संदेश: सीमित काफिले, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर
दरभंगा में मुख्यमंत्री ने खुद इस विषय पर बात की और बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने भी फैसला लिया है कि मंत्री और अधिकारी अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित रखें। सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं, लेकिन पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में हर संभव प्रयास होना चाहिए। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि सरकारी धन की भी बचत करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







