बेगूसराय डीटीओ घूसखोरी: बेगूसराय में निगरानी विभाग की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में बड़ी कार्रवाई की है। यूपी से लाई गई एक पिकअप बोलेरो की इंट्री के नाम पर रिश्वत लेते हुए एक लिपिक और उसके दलाल को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से DTO कार्यालय समेत जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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शुक्रवार को पटना से आई निगरानी टीम ने यह कार्रवाई की। जिला परिवहन कार्यालय के लिपिक संजय कुमार और उसके दलाल शिवानंद झा को छह हजार रुपये घूस की राशि के साथ दबोचा गया। दलाल शिवानंद झा ने जैसे ही केमिकल लगा 500 रुपये की नोट ली, निगरानी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर लिपिक संजय कुमार को कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता चेरिया बरियारपुर थाना के सकरौली निवासी सत्यम कुमार हैं।
कैसे हुआ घूसखोर लिपिक और दलाल का खुलासा?
निगरानी विभाग के डीएसपी रंजीत कुमार निराला ने बताया कि सत्यम कुमार ने यूपी से एक पिकअप बोलेरो खरीदी थी, जिसका यूपी में ट्रांसफर हो चुका था। बेगूसराय में सिर्फ इंट्री कराने के नाम पर लिपिक संजय कुमार ने पहले 20 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित सत्यम कुमार 26,274 रुपये का चालान कटाने के बाद भी तीन महीने से कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। अंत में मामला 6500 रुपये में तय हुआ।
बेगूसराय डीटीओ घूसखोरी: तीन माह से चक्कर लगा रहा था पीड़ित
सत्यम कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग में की। जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद निगरानी में प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार को डीटीओ कार्यालय में रंगेहाथ पकड़ने के लिए एक धाबा दल का गठन किया गया। सत्यम कुमार को फिनेफ्थिलीन केमिकल लगे 500 रुपये के नोट दिए गए। लिपिक संजय कुमार ने सत्यम को दलाल शिवानंद झा से बात करने और उसे ही पैसे देने के लिए कहा। जैसे ही शिवानंद झा ने पैसे लिए, निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया। उसकी स्वीकारोक्ति और निशानदेही पर लिपिक संजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों घूसखोरों को पटना ले जाकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाएगा। निगरानी टीम में इंस्पेक्टर उदय सिंह, दारोगा जय प्रकाश, दारोगा राकेश निराला, दारोगा राजेश राय और सिपाही राहुल कुमार शामिल थे।
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