
Begusarai : बिहार के बेगूसराय में पुलिस ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। सोचिए, आपके घर के बगल में कोई किराएदार नामी-गिरामी ब्रांडों की हूबहू नकली सिगरेट बनाकर धड़ल्ले से बेच रहा हो तो कैसा लगेगा? ऐसा ही कुछ हुआ बेगूसराय के मोहम्मदपुर में, जहाँ एक मकान में नकली सिगरेट की मिनी फैक्ट्री चल रही थी।
कैसे हुआ नकली सिगरेट फैक्ट्री का खुलासा?
नगर थाना पीटीसी संतोष कुमार पंडित को मोहम्मदपुर के एक किराए के मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। सूचना के सत्यापन के बाद, थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम गठित की और मौके पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही आरोपी शिव शक्ति कुमार (42) भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन जवानों ने उसका पीछा कर दबोच लिया। बेगूसराय एसपी मनीष ने बताया कि आरोपी शिव शक्ति कुमार लखौ थाना क्षेत्र के भगवानपुर गाँव का निवासी है और मोहम्मदपुर में किराए पर रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बाजार से खुले तम्बाकू और प्रतिष्ठित ब्रांडों के खाली सिगरेट पैकेट खरीदता था। फिर घर पर मैन्युअल रूप से सिगरेट भरकर, पैकेट सील करके छोटे दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक कीमतों पर बेचता था। इस छापेमारी के साथ ही बेगूसराय पुलिस ने इस अवैध धंधे पर लगाम लगाई है।
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4 लाख से अधिक का नकली सामान बरामद
छापेमारी के दौरान, पुलिस ने परिसर से भारी मात्रा में नकली सिगरेट पैकेट और पैकेजिंग सामग्री जब्त की। बरामद की गई वस्तुओं में शामिल हैं:
- “स्टार लिबर्टी” ब्रांड की 2,400 पैकेट सिगरेट
- “गोल्ड फ्लेक” सिगरेट के 4,000 से अधिक पैकेट
- “विल्स फ्लेक” सिगरेट के 3,600 खाली पैकेट
- प्रिंटेड पैकेजिंग पेपर की 105 शीट
- नकली तुलसी जर्दा के 580 पैकेट
- “मेड इन चाइना” चिह्नित एक एचपी औद्योगिक प्रिंटिंग कार्ट्रिज
- नकली निर्माण तिथि और बैच नंबर प्रिंट करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एडेप्टर
पुलिस का अनुमान है कि जब्त किए गए नकली उत्पादों का बाजार मूल्य 4 लाख रुपये से अधिक है। अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी जीएसटी पंजीकरण या वैध लाइसेंस के बिना इस अवैध कारोबार को चलाकर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचा रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी जब्त किए गए उत्पादों से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या खरीद-बिक्री के दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
स्वास्थ्य और राजस्व के लिए बड़ा खतरा
जांचकर्ताओं ने बताया कि नकली सिगरेट का कारोबार न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है, बल्कि सरकार को वित्तीय नुकसान भी पहुंचाता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसी नकली सिगरेट में इस्तेमाल किया जाने वाला तम्बाकू सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता, जिससे कैंसर सहित गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मामले में शिव शक्ति कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बेगूसराय पुलिस अब चीनी प्रिंटिंग उपकरण और कच्चे माल के स्रोत की जांच कर रही है। यह जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या इस रैकेट का किसी अंतर्राज्यीय नकली सिंडिकेट से संबंध है और बेगूसराय में कौन से दुकानदार नकली उत्पादों के वितरण में शामिल थे।
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