

Road Safety: बेतिया में इन दिनों सड़कों पर रफ्तार की बेलगाम धुन थमने का नाम नहीं ले रही, जिससे हादसे हर रोज एक नई त्रासदी लिख रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने एक बार फिर चेताया है कि जान की कीमत किसी कानून से नहीं, बल्कि आपकी अपनी जिम्मेदारी से आंकी जाती है।
Road Safety News: बेतिया में जान बचाने की मुहिम, DM ने कहा – ‘Road Safety है सबकी जिम्मेदारी’
Road Safety जागरूकता अभियान की शुरुआत
बेतिया में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का यह संदेश बिल्कुल साफ है: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका सिर्फ कानून नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी और यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन है। जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा माह के तहत एक वृहद जागरूकता अभियान का आगाज किया है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने समाहरणालय परिसर से इस अभियान को हरी झंडी दिखाई, जिसका उद्देश्य आमजन को सड़क पर सुरक्षित रहने के महत्व से अवगत कराना है।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने बताया कि, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना केवल पुलिस या प्रशासन का काम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर हादसे होते हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे हादसों को रोकना है।
इस अभियान के तहत लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और शराब पीकर गाड़ी न चलाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को यह बताया जाएगा कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही उनके और दूसरों के जीवन पर भारी पड़ सकती है। जिला परिवहन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने भी अपनी बात रखी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जिम्मेदारी और जागरूकता का संगम
यह अभियान पूरे महीने चलेगा और इसमें विभिन्न कार्यक्रम जैसे नुक्कड़ नाटक, वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि यह पहल न सिर्फ दुर्घटनाओं की संख्या कम करेगी बल्कि एक सुरक्षित सड़क संस्कृति का निर्माण भी करेगी। हमें याद रखना चाहिए कि सुरक्षित यात्रा हमारा अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस और प्रशासन का यह स्पष्ट मत है कि केवल जुर्माना लगाने से नहीं, बल्कि नागरिकों में स्व-अनुशासन और ट्रैफिक नियमों के पालन की भावना से ही वास्तविक परिवर्तन आएगा। इस दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है।


