

Adani Foundation: जहां विकास की किरणें पहुंचने में सदियां लग जाती हैं, वहां अब उम्मीद का एक नया सवेरा हुआ है। भागलपुर के पीरपैंती का पहाड़िया टोला अब अपनी पुरानी पहचान पीछे छोड़ विकास की नई इबारत लिख रहा है।
भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित हरिनकोल पंचायत का पहाड़िया टोला अब सिर्फ एक सुदूर आदिवासी गांव नहीं, बल्कि विकास और बदलाव का एक जीवंत उदाहरण बन गया है। अदानी फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत यहां के मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र का ऐसा कायाकल्प हुआ है कि अब यह निजी प्ले-स्कूल को भी मात दे रहा है। शुक्रवार को इस नवनिर्मित केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिससे स्थानीय समुदाय, खासकर बच्चों और महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उद्घाटन समारोह में अदानी पावर पीरपैंती प्लांट के प्रोजेक्ट हेड राजीव गोयल, प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार, स्थानीय मुखिया दीपक सिंह और एचआर धनंजय त्रिपाठी समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। अधिकारियों ने फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया और वहां नामांकित बच्चों के साथ बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने भविष्य में भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम ने स्थानीय ग्रामीण विकास को एक नई दिशा दी है।
Adani Foundation की पहल से सुविधाओं का विस्तार
इस आंगनवाड़ी केंद्र का जीर्णोद्धार केवल सतही नहीं है, बल्कि इसे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। केंद्र के फर्श पर सुंदर टाइल्स और मार्बल लगाए गए हैं। दीवारों पर आकर्षक और शिक्षाप्रद चित्रकारी की गई है ताकि बच्चे खेल-खेल में सीख सकें। इसके अलावा, एक आधुनिक किचन का भी निर्माण किया गया है। फाउंडेशन ने बच्चों को बैठने के लिए कुर्सियां, स्कूल बैग और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई है, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल दिखाती है कि कैसे कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से जमीनी स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है।
पेयजल और रोशनी से रोशन हुआ गांव
फाउंडेशन ने सिर्फ आंगनवाड़ी केंद्र तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि गांव की अन्य प्रमुख समस्याओं का भी समाधान किया है। लंबे समय से पेयजल की किल्लत झेल रहे पहाड़िया टोला में दो नए चापाकल (हैंडपंप) लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, गांव की गलियों को रोशन करने के लिए दर्जनों स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाने वाला यह गांव अब रोशनी से जगमगाता है, जिससे ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि इन सुविधाओं से गांव के विकास को नई गति मिलेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा।




