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फ़रवरी, 11, 2026
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Bhagalpur News: आंगनबाड़ी सेविकाओं के चावल और इंक्रीमेंट पर जिलाधिकारी को पत्र… पढ़िए प्रतिमाह 178.943 किलोग्राम चावल का राज

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भागलपुर : बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार राकेश ने सेविका के विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उन्होंने बताया है कि,आंगनवाड़ी केंद्र पर प्रतिमाह 178.943 किलोग्राम चावल खर्च होता है। परियोजनाओं से एक बार में तीन माह का चावल दिया जाता है,प्रति त्रिमासिक 9 या 10 बोरा चावल मिलता है अर्थात 450 या 500 किलो इस प्रकार से 9 बोरा चावल आपूर्ति करने पर प्रति त्रिमासिक 86 किलो 82 ग्राम कम तथा 10 बोरा आपूर्ति करने पर 36 किलो 829 ग्राम चावल कम आपूर्ति की जाती है,जबकि बोरा में चावल 45 से 48 किलो ग्राम ही रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दूसरी बात यह है कि, आईसीडीएस के निदेशक पटना के पत्रांक के अनुसार 02.07. 2016 के आलोक में सभी सेविकाओं को इंक्रीमेंट के रूप में 5 वर्ष के बाद 51 रुपया, 10 वर्ष के बाद 63 रुपया तथा 15 वर्ष के बाद 90 रुपया प्रति माह दिया जाना है, जबकि नियुक्ति के बाद जिला के किसी भी सेविका को अभी तक इंक्रीमेंट नहीं दिया गया। जिलाधिकारी को संघ द्वारा पत्र लिखकर इन दोनों विषयों पर संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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यह भी पढ़ें:  Anganwadi Workers Protest in Bhagalpur: चावल कटौती और इंक्रीमेंट पर 'हल्ला बोल', सेविकाओं ने जिलाधिकारी को पत्र लिख गिनाईं अपनी समस्याएं

आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांगें

बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित किया है। संघ के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार राकेश ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर चावल की आपूर्ति में भारी अनियमितता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार प्रतिमाह 178.943 किलोग्राम चावल की आवश्यकता होती है, परन्तु परियोजनाओं से तीन माह का चावल एक साथ दिया जाता है, जिसमें प्रति त्रिमासिक 9 या 10 बोरा चावल ही उपलब्ध कराया जाता है। यह मात्रा आवश्यकता से काफी कम है। यदि 9 बोरा चावल दिया जाता है तो प्रति त्रिमासिक 86 किलो 82 ग्राम चावल कम मिलता है, और यदि 10 बोरा आपूर्ति की जाती है तो 36 किलो 829 ग्राम चावल कम मिलता है। यह विडंबना है कि बोरे में चावल की मात्रा भी 45 से 48 किलोग्राम ही रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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इंक्रीमेंट का मामला भी अटका

संघ ने इस चावल घोटाले की ओर जिलाधिकारी का ध्यान दिलाया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, सेविकाओं ने इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) के मुद्दे को भी उठाया है। उन्होंने बताया कि आईसीडीएस के निदेशक, पटना के पत्रांक के अनुसार, दिनांक 02.07.2016 के आदेश के आलोक में सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को सेवा अवधि के 5 वर्ष बाद 51 रुपये, 10 वर्ष बाद 63 रुपये और 15 वर्ष बाद 90 रुपये प्रति माह इंक्रीमेंट मिलना चाहिए। लेकिन, दुखद है कि नियुक्ति के बाद से आज तक जिले की किसी भी सेविका को यह इंक्रीमेंट नहीं दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आदेश सरकारी निर्देशों का खुला उल्लंघन है और सेविकाओं के साथ घोर अन्याय है। इस संबंध में भी संघ ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करने और तत्काल समाधान निकालने का आग्रह किया है।

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