



Labour Codes: भागलपुर की सड़कों पर सियासी पारा चढ़ने लगा है, जहां मजदूरों के हकों की लड़ाई एक नए मोड़ पर आ खड़ी हुई है। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने सरकार के नए लेबर कोड्स के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है।
नए Labour Codes के खिलाफ क्यों है इतना गुस्सा?
भागलपुर के स्थानीय सुरखीकल यूनियन कार्यालय में सोमवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) द्वारा एक कार्यकर्ता संवाद का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद जगदेव प्रसाद को उनकी 105वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि ये नए कानून मजदूरों के कानूनी संरक्षण को समाप्त करने की एक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून मजदूरों से हड़ताल करने का मौलिक अधिकार छीन लेगा और इसमें न तो काम की गारंटी है और न ही मजदूरी की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुकेश मुक्त ने आगे बताया कि यह कानून स्थायी प्रकृति के कामों के लिए भी अस्थायी भर्ती को कानूनी मान्यता देता है, जो स्थायी रोजगार की अवधारणा को ही खत्म कर देगा। उनके अनुसार, इसमें महिलाओं को रात में काम करने के लिए मजबूर करने का प्रावधान है, जो उनकी सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है। साथ ही, काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 16 करने और जिला स्तर पर श्रम न्यायालयों को खत्म करने जैसे प्रावधानों से मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और मीडिया का एक वर्ग इसे मजदूर-हितैषी बताकर झूठा प्रचार कर रहा है, जिसका मुंहतोड़ जवाब देना आवश्यक है।
12 फरवरी को सड़कों पर उतरने की तैयारी
कार्यकर्ता संवाद में शामिल विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में लेबर कोड का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने घोषणा की कि 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए भागलपुर के मजदूर सड़कों पर उतरेंगे। इस आगामी मजदूर हड़ताल का प्रचार-प्रसार शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर गांव और मोहल्लों तक किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में कामगार इसमें शामिल हो सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि सरकार की इस एकतरफा कार्रवाई का जोरदार जवाब दिया जाएगा।
कार्यकर्ता संवाद में जुटे कई यूनियनों के प्रतिनिधि
इस महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में कई प्रमुख चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त के अलावा, जिला उपाध्यक्ष मनोज सहाय, भाकपा माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य सचिव सुभाष कुमार और मो. मुमताज, तथा बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के संयुक्त जिला सचिव अमर कुमार और अमित गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इनके अतिरिक्त, विभिन्न यूनियनों जैसे बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन, असंगठित कामगार महासंघ, घरेलू कामगार यूनियन, विद्यालय रसोइया संघ और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें लूटन तांती, गीता देवी, पूनम देवी, मीना देवी, रंजुला देवी और शांति देवी समेत कई अन्य शामिल थे।


