

Bhagalpur News: सेहत से खिलवाड़ का खेल देखिए, जहां तेल के नाम पर ‘जहर’ परोसा जा रहा था और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा था। भागलपुर में मिलावटी तेल के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहां नामी कंपनियों के नकली रैपर में घटिया तेल भरकर बाजार में खपाया जा रहा था।
Bhagalpur News: गुप्त सूचना पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
मामला भागलपुर के कजरैली थाना क्षेत्र अंतर्गत तेतरहाट का है, जहां एक वर्कशॉप में मिलावटी तेल का यह पूरा गोरखधंधा चल रहा था। प्रशासन को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम ने इस वर्कशॉप पर औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके पर जो नजारा दिखा, वह हैरान करने वाला था। यहां बड़े पैमाने पर खुले तेल को नामी कंपनियों के ब्रांडेड पैकेट में पैक किया जा रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जानकारी के अनुसार, इस मिलावटी तेल को न केवल स्थानीय थोक बाजारों में बेचा जा रहा था, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा था।
छापेमारी का नेतृत्व कर रहे नाथनगर के एमओ अभिजीत कुमार और उनकी टीम ने वर्कशॉप से करीब 5,000 लीटर वेजिटेबल ऑयल का जखीरा जब्त किया। इसके अलावा, टीम को बड़ी मात्रा में खाली पैकेजिंग सामग्री और विभिन्न लोकप्रिय ब्रांडों के नकली रैपर भी मिले। अधिकारियों ने पूरे स्टॉक को जब्त करते हुए तत्काल प्रभाव से वर्कशॉप को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के तेल कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
सैंपल जांच के लिए भेजे गए, रिपोर्ट का इंतजार
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जब्त किए गए तेल की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेल के सैंपल एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। एमओ अभिजीत कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तेल में किस प्रकार की मिलावट की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है या ब्रांड की फर्जी पैकेजिंग का मामला साबित होता है, तो वर्कशॉप संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है ताकि इस रैकेट से जुड़े सभी लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।
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वर्कशॉप संचालक ने आरोपों को नकारा
वहीं, इस पूरी कार्रवाई पर वर्कशॉप के संचालक ओवैस आलम ने आपत्ति जताई है। उन्होंने अधिकारियों के सामने दावा किया कि उनके पास कारोबार से जुड़े सभी आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन उनके दावों की भी जांच कर रहा है। फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने तक वर्कशॉप सील ही रहेगा और जब्त तेल को किसी भी सूरत में बाजार में बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




