

Bhagalpur News: भक्ति और बाहुबल का ऐसा संगम आपने पहले नहीं देखा होगा, जहां एक ओर शिव की बारात सजेगी तो दूसरी ओर पहलवानों के दांव-पेंच दिखेंगे। भागलपुर का भिट्टी गांव तीन दिनों के लिए आस्था और रोमांच के महासागर में गोते लगाने को तैयार है।
भागलपुर के भिट्टी गांव में इस वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 से 17 फरवरी तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय भव्य महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे गांव में उत्सव और श्रद्धा का माहौल है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों और मनमोहक फूलों से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचेंगे।
Bhagalpur News: तीन दिवसीय महोत्सव में क्या-क्या होगा खास?
कार्यक्रम की शुरुआत 15 फरवरी को दोपहर 2 बजे से भगवान शिव के शुभ विवाह और भव्य झांकी के साथ होगी। इस दौरान पूरा गांव ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठेगा। शाम ढलते ही भक्ति का रंग और गहरा हो जाएगा, जब रात्रि 9 बजे से गांव के बच्चों द्वारा एक शानदार सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस संध्या में भजन, शास्त्रीय नृत्य और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है।
महादंगल बनेगा मुख्य आकर्षण का केंद्र
महोत्सव का दूसरा दिन, यानी 16 फरवरी, रोमांच और उत्साह से भरपूर रहने वाला है। इस दिन दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक एक विशाल महादंगल का आयोजन किया जाएगा। इस बार दंगल का सबसे बड़ा आकर्षण नेपाल के विश्व प्रसिद्ध पहलवान थापा और उत्तर प्रदेश के वाराणसी से आए सलमान पहलवान के बीच होने वाला मुकाबला होगा। इन दोनों धुरंधरों को अपनी कुश्ती के जौहर दिखाते देखना दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।
इनके अलावा, इस महादंगल में सात अलग-अलग राज्यों से भी नामी-गिरामी पहलवान भिट्टी गांव की धरती पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे इस प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पूरे क्षेत्र के लोग इस महामुकाबले को देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सांस्कृतिक संध्या में दिखेगी स्थानीय प्रतिभा
यह आयोजन सिर्फ कुश्ती तक ही सीमित नहीं है। 15 फरवरी की रात स्थानीय बच्चों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली सांस्कृतिक संध्या भी इस महाशिवरात्रि महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कार्यक्रम गांव के युवाओं और बच्चों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर देगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और लोक कलाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
आयोजन समिति ने की हैं विशेष तैयारियां
कार्यक्रम के अंतिम दिन, 17 फरवरी को, एक समापन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें महादंगल के विजेता पहलवानों और आयोजन में सहयोग करने वाले गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति ने दर्शकों और श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ-साथ बैठने और स्वच्छ पेयजल की भी विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।


