

Bhagalpur News: जेल की ऊंची दीवारों के पीछे अक्सर कहानियां दम तोड़ देती हैं। ऐसी ही एक कहानी प्रमोद तांती की है, जिसकी जिंदगी का सफर सलाखों के पीछे ही थम गया। भागलपुर सेंट्रल जेल में अपनी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी प्रमोद तांती की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, प्रमोद पिछले चार वर्षों से जेल में बंद था। उसकी तबीयत करीब दस दिन पहले अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया था।
Bhagalpur News: सुरक्षा कारणों से किया गया था शिफ्ट
मृतक प्रमोद तांती को पहले जमुई जेल में रखा गया था। लेकिन, लगभग छह महीने पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उसे भागलपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। जेल प्रशासन ने प्रमोद की तबीयत बिगड़ने की सूचना उसके परिजनों को दी थी। इस अप्रत्याशित कैदी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही परिजन लगातार उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे। प्रमोद की मां सुकून देवी ने बताया कि उन्हें जेल से फोन पर बेटे की गंभीर हालत की जानकारी मिली थी, जिसके बाद से ही पूरा परिवार परेशान था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
परिजनों में छाया मातम
मंगलवार को जैसे ही प्रमोद की मौत की खबर घर पहुंची, कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां ने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया है। फिलहाल, जेल प्रशासन द्वारा पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

