

Bird Flu: आसमान के काले दूत जब जमीन पर बेजान पड़े मिलें, तो समझिए किसी अनहोनी की आहट दस्तक दे रही है। भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जहां दर्जनों कौवों की रहस्यमयी मौत ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों के मन में एक अनजाना डर भर दिया है।
क्या Bird Flu ने दी है दस्तक?
भागलपुर शहर के सबसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में से एक, सैंडिस कंपाउंड, जो सुबह की सैर और ताजी हवा के लिए जाना जाता है, अब खौफ का केंद्र बन गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्विमिंग पूल के ठीक सामने वाले इलाके में कई कौवे मृत अवस्था में पाए गए। इस घटना के बाद से ही इलाके में भय का माहौल है। कुछ दिनों पहले नवगछिया इलाके में भी इसी तरह बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत की खबर सामने आई थी, जिसके बाद अब ये नई घटना चिंता को और भी गहरा कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, अभी तक पशुपालन विभाग या जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सुबह टहलने आने वाले लोगों ने बताया कि इस तरह खुले मैदान में पक्षियों का मरना किसी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि घटना की जानकारी होने के घंटों बाद भी न तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और न ही स्मार्ट सिटी प्रशासन ने कोई सुध ली। एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “यह बेहद चिंताजनक है। प्रशासन को तुरंत जांच करानी चाहिए ताकि अगर कोई बीमारी, जैसे एवियन इन्फ्लूएंजा, फैल रही हो तो उसे समय रहते रोका जा सके।”
प्रशासनिक सुस्ती और बढ़ता संक्रमण का खतरा
इस पूरी घटना में सबसे निराशाजनक पहलू प्रशासनिक उदासीनता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर बिल्कुल भी सक्रिय नहीं दिख रहा है। मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाने और इलाके को सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, पक्षियों की असामान्य मौत की स्थिति में तुरंत सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाना चाहिए ताकि मौत के असली कारण का पता चल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भागलपुर का प्रशासन कब नींद से जागेगा और क्या इन मृत कौवों के सैंपल वैज्ञानिक जांच के लिए भेजे जाएंगे? शहरवासियों की निगाहें अब पूरी तरह से प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



