
Bhagalpur News: भागलपुर की प्रशासनिक फिजाओं में आज सख्ती का चाबुक चला। जिलाधिकारी के तेवर इतने कड़े थे कि कई अधिकारियों के वेतन पर भी कैंची चल गई। मामला जिला समन्वय समिति की बैठक का है, जहां योजनाओं की धीमी चाल पर डीएम का पारा चढ़ गया।
मंगलवार को समाहरणालय के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल चौधरी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का एजेंडा तो विकास योजनाओं की समीक्षा करना था, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती और लापरवाही पर जिलाधिकारी का सख्त रवैया चर्चा का विषय बन गया। कई विभागों के पेंच कसे गए और समय पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश जारी किए गए।
Bhagalpur News: समन्वय समिति की बैठक में चौतरफा समीक्षा
बैठक की शुरुआत में ही जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने यह जानकारी दी कि कई अंचलों में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए अभी तक भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। इसी तरह, मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप के लिए भी आठ चिन्हित स्थलों पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अंचलाधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। लापरवाही का आलम यह था कि भागलपुर सदर और नवगछिया के अनुमंडल कार्यालय एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय के प्रधान सहायकों द्वारा समय पर अपने नियंत्रक पदाधिकारी को सूचित नहीं किया गया था, जिसके कारण डीएम ने तत्काल प्रभाव से उनका वेतन स्थगित कर दिया और स्पष्टीकरण मांगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
योजनाओं की धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी
प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना की समीक्षा के दौरान जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक ने बताया कि जिले में 95% की उपलब्धि हासिल हुई है, लेकिन कुछ प्रखंडों में आवासों का सत्यापन कार्य अभी भी लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंडों को महज तीन दिनों की मोहलत देते हुए शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया। जिले में चल रहे अन्य विकास कार्य जैसे लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और प्रखंडों में नए खेल के मैदानों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 126 में से केवल 39 खेल मैदानों के लिए ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त हुआ है। डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से जल्द NOC भेजने का निर्देश दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शिक्षा से स्वास्थ्य तक, हर विभाग को मिली हिदायत
शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि पीएम श्री स्कूल योजना के तहत 25 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है और हर प्रखंड में एक आदर्श विद्यालय बनाने की कार्रवाई जारी है। जब उन्होंने 30 विद्यालयों के लिए जमीन की आवश्यकता का मुद्दा उठाया, तो जिलाधिकारी ने सवाल किया कि यह बात प्रखंड समन्वय समिति की बैठक में क्यों नहीं रखी गई। इसके लिए संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कचरा प्रबंधन और गैस जमाखोरी पर भी सख्त रुख
बैठक में नगर आयुक्त ने शिकायत की कि सी एनर्जी नामक एजेंसी द्वारा बायो-वेस्ट कचरे का उठाव समय पर नहीं किया जा रहा है और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एजेंसी पर तत्काल जुर्माना लगाने और विभाग को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत का काम पंचायत की विभिन्न योजनाओं से कराने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए गैस की जमाखोरी रोकने के लिए सभी एमओ को गैस गोदामों और एजेंसियों पर नजर रखने के लिए कहा गया। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाह, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।



