Bhagalpur DM Inspection: कभी-कभी प्रशासन की सबसे पैनी नज़र भी उन गलियारों में पहुँचती है, जहाँ रोज़मर्रा के कामकाज की धुरी घूमती है। ऐसे ही एक औचक निरीक्षण से भागलपुर में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को कसौटी पर परखा गया। 14 जनवरी को जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने अनुमंडल सदर भागलपुर, भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, भागलपुर और भू अर्जन कार्यालय भागलपुर का गहन मुआयना किया। इस कदम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि सरकारी कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल रही है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तीनों कार्यालयों के सभी कमरों और कक्षों की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। फाइलों के रखरखाव, उनकी क्रमबद्धता और संचिकाओं की अद्यतन स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में स्वच्छता और दस्तावेज़ों का उचित प्रबंधन कार्यकुशलता की पहली सीढ़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकारी दक्षता का आकलन: Bhagalpur DM Inspection की मुख्य बातें
डॉक्टर चौधरी ने सिर्फ भौतिक स्थितियों का ही नहीं, बल्कि कार्यात्मक पहलुओं का भी गहन अवलोकन किया। उन्होंने सभी महत्त्वपूर्ण पंजियों की जाँच की और अनुमंडल न्यायालय तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता न्यायालय में लंबित वादों के निष्पादन की स्थिति का भी जायजा लिया। सरकारी कामकाज की समीक्षा के दौरान, उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मामलों का निपटारा नियत समय-सीमा के भीतर हो और आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इस विस्तृत मूल्यांकन के पीछे पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने का उद्देश्य निहित था।
निरीक्षण के उपरांत, जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर, डीसीएलआर सदर और जिला भू अर्जन पदाधिकारी को कई महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इन निर्देशों में कार्यालयों की व्यवस्था को सुधारने, लंबित मामलों को त्वरित गति से निपटाने और सभी सरकारी प्रक्रियाओं में अधिक दक्षता लाने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को इन निर्देशों का तत्काल और प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न रहे।
अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश और भविष्य की रणनीति
इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर सहायक समाहर्ता श्री जतिन कुमार, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था और अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने निरीक्षण की गंभीरता और उसके व्यापक प्रभाव को और पुख्ता किया। जिलाधिकारी का यह औचक दौरा न केवल कार्यालयों की वर्तमान स्थिति का आकलन था, बल्कि यह भविष्य में बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए एक मार्गदर्शक भी था। इस तरह के निरीक्षण यह संदेश देते हैं कि सरकार अपने नागरिकों को प्रभावी और त्वरित सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन का यह कदम यह भी दर्शाता है कि नियमित निगरानी ही सुशासन का आधार है। हमें उम्मीद है कि इन निर्देशों का पालन कर कार्यालयों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

