
LPG Gas की किल्लत पर DM सख्त, अफवाहों पर लगेगी लगाम
LPG Gas: भागलपुर में रसोई की आंच पर अफवाहों का धुआं उठने लगा तो प्रशासन खुद हरकत में आ गया। जिले में गैस की कमी की खबरों के बीच, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गैस आपूर्तिकर्ता कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी आपूर्ति की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना और किसी भी तरह की कालाबाजारी या अफवाह पर नकेल कसना था।
बैठक के दौरान इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय प्रबंधक, रमन गौतम ने स्पष्ट किया कि भागलपुर में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने माना कि सामान्य तौर पर एक दिन का बैकलॉग रहता है, लेकिन वर्तमान में यह तीन दिनों का है, जिसका कारण पैनिक बुकिंग हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 10,000 सिलेंडर की खपत होती है, जबकि स्टॉक में 18,000 से 20,000 सिलेंडर मौजूद हैं, जो मांग से कहीं ज़्यादा है। ऐसा लगता है कि लोग अनावश्यक भय के कारण अतिरिक्त बुकिंग कर रहे हैं।
क्या सच में है LPG Gas की कमी?
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। एचपीसीएल के वरीय क्षेत्रीय प्रबंधक शाहनवाज अनवर और भारत पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक इंद्रनील अग्रवाल ने भी इस बात की पुष्टि की कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने बताया कि जिले में किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी नहीं होगी। ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर बुक करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
कॉमर्शियल गैस पर क्यों लगी है रोक?
अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि केवल कमर्शियल गैस की आपूर्ति पर ग्राहक सत्यापन के लिए अस्थायी रोक लगाई गई है, ताकि इसकी कालाबाजारी न हो सके। उन्होंने बताया कि कुल आपूर्ति का केवल 2 से 3 प्रतिशत हिस्सा ही कमर्शियल होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जो सत्यापित उपभोक्ता हैं, जैसे कि पुलिस लाइन, एएनएम सेंटर, जीविका और टाटा स्टील, उन्हें नियमित रूप से कमर्शियल गैस की आपूर्ति की जा रही है। इसका घरेलू गैस की आपूर्ति से कोई लेना-देना नहीं है। बैठक के अंत में, जिलाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को यह निर्देश दिया कि जिन गैस गोदामों पर असामान्य भीड़ देखी जा रही है, उनकी सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी स्थानों पर दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी ताकि व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

