



PM Kisan Samman Nidhi: जैसे परीक्षा की आखिरी रात छात्र जागकर तैयारी करते हैं, कुछ वैसा ही हाल भागलपुर के प्रशासनिक अमले का है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की डेडलाइन जो सिर पर है, और लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिन-रात एक करने के निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के किसान पंजीकरण और सत्यापन कार्य में तेजी लाने को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की और काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश जारी किए। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी समेत सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, बीडीओ और सीओ मौजूद रहे।
PM Kisan Samman Nidhi योजना में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि भागलपुर जिले में कुल 2,74,158 किसान इस योजना का लाभ ले रहे थे, जिनका किसान पंजीकरण एवं e-KYC किया जाना अनिवार्य है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 1,08,000 किसानों का ही पंजीकरण पूरा हो सका है, जबकि 2,10,000 किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है। इसका मतलब है कि अभी भी 1,02,000 किसानों का पंजीकरण किया जाना बाकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अगले तीन दिनों के भीतर 50,000 किसान पंजीकरण करने का अल्टीमेटम दिया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस कार्य को पूरा करने के लिए 15 फरवरी 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की है, और समय बहुत कम बचा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बिहार के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना आवश्यक है ताकि राज्य को योजना का पूर्ण आवंटन प्राप्त हो सके।
पंचायत स्तर पर बढ़ाई जाएगी टीम, दिए गए सख्त निर्देश
पंजीकरण की धीमी गति को तेज करने के लिए डीएम ने पंचायत स्तर पर काम कर रही टीमों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत रोजगार सेवक, आवास सहायक, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायकों को भी जरूरत के अनुसार आईडी बनाकर इस काम में लगाया जाए। बताया गया कि हर प्रखंड में 95 आईडी तक बनाए जा सकते हैं, ताकि काम में कोई बाधा न आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस पूरे मामले पर राज्य स्तर से भी पैनी नजर रखी जा रही है। बिहार के मुख्य सचिव स्वयं प्रतिदिन इस कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, जिससे अधिकारियों पर समय पर लक्ष्य पूरा करने का भारी दबाव है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि अंतिम तिथि से पहले हर हाल में सभी पात्र किसानों का पंजीकरण और सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।



