Fake Doctor Bihar: जिस देह पर मां बनने का गौरव पल रहा था, वो किसी प्रयोगशाला का शिकार हो गई। स्वास्थ्य के नाम पर खिलवाड़ और लालच की ये कैसी तस्वीर, जहां एक मासूम ज़िंदगी यूट्यूब देखकर किए गए ऑपरेशन की भेंट चढ़ गई।
Fake Doctor Bihar: भागलपुर में ‘यूट्यूब डॉक्टर’ का आतंक, प्रसूता की मौत से मचा बवाल
भागलपुर में Fake Doctor Bihar: स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल
भागलपुर में एक बार फिर चिकित्सा लापरवाही का भयावह चेहरा सामने आया है। एक ग्रामीण क्लिनिक में ‘यूट्यूब’ देखकर ऑपरेशन करने के आरोप में 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती है और अवैध चिकित्सा पद्धतियों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर गंभीर प्रश्न उठाती है।
मृतका की पहचान अभी तक पूरी तरह से सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह गर्भवती थी और प्रसव के लिए इस ग्रामीण क्लिनिक में लाई गई थी। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक चलाने वाले तथाकथित डॉक्टर ने बिना किसी वैध डिग्री या अनुभव के, सिर्फ यूट्यूब वीडियो देखकर ऑपरेशन करने का दुस्साहस किया। इसी लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लिनिक पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस तरह की चिकित्सा लापरवाही राज्य में एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
ग्रामीण इलाकों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है, जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जान से खिलवाड़ करते हैं। ऐसे मामलों पर सरकार को सख्त रुख अपनाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अवैध क्लिनिक और डॉक्टरों पर कब लगेगी लगाम?
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, ऐसे कई क्लिनिक बिना पंजीकरण और योग्य डॉक्टरों के चल रहे हैं। ये क्लिनिक अक्सर कम पैसों में इलाज का लालच देकर मरीजों को फंसाते हैं और फिर उनकी जान जोखिम में डालते हैं। यह घटना स्वास्थ्य नियामक निकायों की ढिलाई को भी उजागर करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिम्मेदार अधिकारियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि हर ग्रामीण क्लिनिक की गहन जांच की जाए और अवैध रूप से चल रहे सभी संस्थानों को बंद कराया जाए। साथ ही, ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और जीवन ऐसी अज्ञानता और आपराधिक लापरवाही का शिकार न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


