Farmer Registry: अब खेत की मेड़ से लेकर सरकारी दफ्तरों तक की दूरी एक क्लिक में सिमटने वाली है। भागलपुर में किसानों की तकदीर बदलने वाली एक ऐसी ही डिजिटल बयार बह निकली है, जहां सरकारी योजनाओं का अमृत सीधे अन्नदाता के हाथों तक पहुंचेगा। जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत में कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक परियोजना के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया। इसका मकसद किसानों का डिजिटल पंजीकरण कर एक ऐसा डाटाबेस तैयार करना है, जो उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से सीधे तौर पर जोड़ेगा।
क्या है Farmer Registry और इससे कैसे मिलेगा लाभ?
जगदीशपुर के एग्रीकल्चर कॉर्डिनेटर एस. के. तिवारी ने इस पहल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस Farmer Registry के माध्यम से हर किसान का एक डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, बीज और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान जैसी सुविधाओं के लिए किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह प्रणाली बिचौलियों को खत्म कर देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि हर लाभ सीधे पात्र किसान तक पहुंचे।
इस डिजिटल पंजीकरण के बाद किसी भी सरकारी कृषि योजना का लाभ लेना बेहद आसान हो जाएगा। पारदर्शिता इतनी होगी कि कौन सी सहायता कब और किसे मिली, इसका पूरा लेखा-जोखा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। यह पहल किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पंजीकरण के लिए इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
कृषि विभाग ने किसानों से इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। जो भी किसान अपना पंजीकरण कराना चाहते हैं, उन्हें कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसमें उनका आधार कार्ड, जमीन से जुड़े कागजात (खसरा-खतौनी) और आधार से लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर शामिल है। इन दस्तावेजों के बिना पंजीकरण प्रक्रिया अधूरी रह सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह पूरा आयोजन भागलपुर के जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देशन में किया जा रहा है। शिविर में किसानों की भारी भीड़ यह बता रही है कि वे भी अब डिजिटल इंडिया से जुड़कर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उम्मीद है कि यह शिविर किसानों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

