back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 21, 2026
spot_img

Bhagalpur News: सबौर में 20 साल पुराना झूलेलाल मंदिर, जानिए क्यों है सिंधी समाज की अटूट आस्था का केंद्र

spot_img
- Advertisement -

Bhagalpur News: जैसे बूंद-बूंद से सागर बनता है, वैसे ही आस्था और समर्पण की ईंटों से विश्वास का एक पवित्र स्थल खड़ा होता है। भागलपुर के सबौर में आस्था का एक ऐसा ही केंद्र लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां सिंधी समुदाय ने अपनी जड़ों को सींचते हुए भगवान झूलेलाल का भव्य मंदिर स्थापित किया है। यह मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि विभाजन के बाद बसे एक समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और अटूट विश्वास का जीवंत प्रमाण भी है।

- Advertisement -

Bhagalpur News: दो भाइयों ने निजी कोष से रखी थी नींव

भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड स्थित बरारी पंचायत के सेवकनगर ज्योति बिहार कॉलोनी में बना यह झूलेलाल मंदिर अपने आप में खास है। आज से लगभग 20 वर्ष पूर्व, दो भाइयों स्वर्गीय सेवक राम और स्वर्गीय हशमत राय ने अपने व्यक्तिगत कोष से इस मंदिर की नींव रखी थी। यह इस परिवार की गहरी आस्था ही है कि तब से लेकर आज तक, मंदिर की देखरेख, पूजा-पाठ और अन्य सभी व्यवस्थाएं इसी परिवार के सदस्य करते आ रहे हैं। इस परिवार में स्वर्गीय नंदलाल, श्री पुरुषोत्तम दास, डॉ. भगवान दास, श्री मुरलीधर, श्री मनोहरलाल साह, स्वर्गीय तुलसी देवी, स्वर्गीया रामी देवी, स्वर्गीया दीपा देवी, स्वर्गीया गीता साह, श्रीमती अंजू देवी, श्रीमती रोमा साह और श्रीमती भारती साह जैसे कई सदस्य हैं जिन्होंने इस विरासत को संभाले रखा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दो साल पहले ही इस सिंधी परिवार ने मिलकर मंदिर का सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण भी कराया, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई है।

- Advertisement -

विभाजन की पीड़ा से जुड़ा है सिंधी समाज का इतिहास

सिंधी समुदाय का इतिहास भारत विभाजन की पीड़ा से गहराई से जुड़ा हुआ है। ये मुख्य रूप से ऐतिहासिक सिंध प्रांत के रहने वाले हिंदू हैं, जो 1947 में विभाजन के बाद अपना घर-बार छोड़कर भारत के विभिन्न हिस्सों में आकर बस गए। इन्हीं में से कुछ परिवारों ने भागलपुर के सबौर को अपना नया घर बनाया। अपनी मेहनत, व्यापारिक कौशल और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाने जाने वाले सिंधी समाज के लोग भगवान झूलेलाल में अटूट आस्था रखते हैं। यह मंदिर उसी आस्था का प्रतीक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: अडानी कर्मचारियों को मिली जिंदगी बचाने वाली CPR Training, जानें यह जीवनरक्षक तकनीक

कौन हैं भगवान झूलेलाल?

सिंधी समाज के मुखिया श्री खेमचंद बचियानी बताते हैं कि भगवान झूलेलाल को वरुण देव (जल देवता) का अवतार माना जाता है और कई लोग उन्हें भगवान शिव का रूप भी मानते हैं। वे सिंधी समुदाय के इष्टदेव हैं। उन्होंने बताया कि यह मंदिर पूरे देश में फैले सिंधी समाज के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोग दूर-दूर से यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं और उनका विश्वास है कि यहां मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक समुदाय की पहचान, संस्कृति और अटूट विश्वास का संगम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

मोबाइल चार्जिंग: क्या लैपटॉप चार्जर से फोन चार्ज करना सुरक्षित है?

Mobile Charging: आज के समय में जब हमारे फोन हमारी लाइफलाइन बन चुके हैं,...

फर्जी अकाउंट्स पर भड़कीं Rohini Acharya, साइबर सेल से की शिकायत, बोलीं- छवि बिगाड़ने की साजिश, पढ़िए Rohini Acharya के नाम पर चल रहे...

डिजिटल दुनिया की चकाचौंध में अक्सर गुमनाम चेहरों की आड़ में साज़िशें पनपती हैं,...

Madhubani News: हार्डवेयर कारोबारी ने की ₹38 लाख की टैक्स चोरी, पड़ी RAID तुरंत जमा कराए ₹15 लाख

Madhubani News: सरकारी खजाने पर डाका डालने वालों की अब खैर नहीं। वाणिज्यकर विभाग...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें