
गंगा की लहरों पर मंडरा रहे प्रदूषण के बादल छांटने और शहर को नई पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। विकास की बयार में पवित्रता की सांसें घुलें, इसके लिए प्रशासन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
Bhagalpur Ganga Protection: भागलपुर में गंगा संरक्षण को लेकर समीक्षा भवन में जिला गंगा संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। इस दौरान गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और जिले में जारी शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
Bhagalpur Ganga Protection: प्रदूषण पर सख्ती, मार्च तक पूरे होंगे कई अहम कार्य
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा नदी में किसी भी प्रकार से दूषित पानी का बहाव नहीं किया जाना चाहिए। यह निर्देश गंगा की स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बुडको (बुद्ध कोशी शहरी विकास एजेंसी) के परियोजना निदेशक (असैनिक) ने बताया कि भागलपुर जिले में कुल चार जलापूर्ति योजनाएं चल रही हैं। इनमें से तीन योजनाएं फेज-1 के तहत तीन पैकेजों में हैं, जबकि एक योजना फेज-2 के तहत क्रियान्वित की जानी है।
फेज-1 के पैकेज-01 के अंतर्गत 43 वार्डों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है और शेष योजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शेष वार्डों में पानी की आपूर्ति 15 मार्च तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। इस दौरान जिले में चल रहे शहरी विकास परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।परियोजना निदेशक (असैनिक), बुडको, भागलपुर ने जानकारी दी कि जिले में चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाना है। इनमें से नगर परिषद सुल्तानगंज और नगर परिषद नवगछिया स्थित एसटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिन्हें शीघ्र ही क्रियान्वित किया जाना है। शेष दो एसटीपी के निर्माण कार्य की प्रगति भी संतोषजनक बताई गई।भागलपुर नगर निगम में 45 एमएलडी एसटीपी और आई एंड डी योजना के तहत एक एसटीपी और 10 इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) का निर्माण कार्य चल रहा है। आईपीएस-07, 09 और 10 का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि आईपीएस-06 और 08 का कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। कहलगांव में भी 6 एमएलडी एसटीपी और आई एंड डी योजना के अंतर्गत एक एसटीपी और चार आईपीएस का निर्माण कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बुडको के परियोजना निदेशक को भागलपुर नगर निगम और नगर पंचायत कहलगांव के एसटीपी का निर्माण कार्य मार्च तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिले में शवदाह गृहों और बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की स्थिति
भागलपुर जिले में निर्माणाधीन और कार्यरत शवदाह गृहों की वर्तमान स्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई। बुडको के परियोजना निदेशक (असैनिक) ने बताया कि भागलपुर नगर निगम में गंगा नदी घाट पर दो विद्युत और चार लकड़ी के शवदाह गृहों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें चारदीवारी का 80 प्रतिशत, अर्थ फिलिंग का 75 प्रतिशत, विद्युत शवदाह गृह का 50 प्रतिशत और लकड़ी शवदाह गृह का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विद्युत शवदाह गृह के छत की ढलाई और उपकरण भवन की नींव का कार्य भी संपन्न हो चुका है।सुल्तानगंज नगर परिषद में गंगा नदी घाट पर एक विद्युत और चार लकड़ी के शवदाह गृहों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यहां चाहरदीवारी का 62 प्रतिशत, अर्थ फिलिंग का 15 प्रतिशत, विद्युत शवदाह गृह का 10 प्रतिशत और लकड़ी शवदाह गृह का 10 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। चाहरदीवारी का निर्माण प्लिंथ लेवल से ऊपर किया जा रहा है, और नींव कार्य पूर्ण होने के बाद पाइल कैप का कार्य चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।नवगछिया नगर क्षेत्र में वर्तमान में कोई शवदाह गृह नहीं है। यहां के निवासी शवों का अंतिम संस्कार गंगा नदी के निकट महादेवपुर घाट पर करते हैं, जो नगर परिषद नवगछिया की सीमा से बाहर है। कहलगांव नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने गंगा नदी घाट पर एक विद्युत और चार लकड़ी के शवदाह गृहों के निर्माण हेतु 9.3370 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी अनुमोदन और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए महाप्रबंधक (असैनिक), दक्षिण बिहार उपभाग, बुडको को भेजा है। जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को इन सभी योजनाओं की नियमित निगरानी करने और सभी कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन को लेकर भी जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, भागलपुर को निर्देश दिए। उन्हें सिनर्जी बायो मेडिकल वेस्ट से पंजीकृत संस्थानों की सूची और बायो मेडिकल वेस्ट उत्पन्न करने वाले संस्थानों की निगरानी का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया। निजी अस्पतालों द्वारा पंजीकरण न कराने की सूचना पर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को छापेमारी करने और जिन निजी अस्पतालों/नर्सिंग होम द्वारा अपना पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए।बैठक में लेखा प्रशासन एवं स्व नियोजन निदेशक, भागलपुर ने बताया कि भागलपुर जिले में IMIS पर अंकित 69 ग्रामों में से 68 ग्रामों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें यह उपलब्धि स्वच्छता अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस महत्वपूर्ण बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, भागलपुर, असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय 1, पुलिस उपाधीक्षक, कहलगांव सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारीगण और जिला गंगा संरक्षण समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


