
Goat Farming: जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही सही प्रशिक्षण से किसानों की तिजोरी भर रही है। भागलपुर में व्यावसायिक बकरी पालन के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सैकड़ों किसानों के लिए स्वरोजगार की नई राह खोल दी है, जिससे उनकी आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
Goat Farming प्रशिक्षण में क्या रहा खास?
भागलपुर स्थित जिला कृषि केंद्र के आत्मा प्रशिक्षण भवन में आयोजित पांच दिवसीय व्यावसायिक बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 3 फरवरी को शुरू हुआ था, जिसमें जिले के कुल 207 महिला एवं पुरुष किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पटना के उत्कर्ष फाउंडेशन से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक संतोष कुमार ने प्रतिभागियों को बकरी पालन के वैज्ञानिक तरीकों, उनसे होने वाले आर्थिक फायदों और बाजार की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे कम लागत में बकरी पालन शुरू कर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक संतोष कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि भागलपुर जिले में किसानों का रुझान बकरी पालन की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक बड़ा जरिया बन रहा है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पशुपालन को एक संगठित व्यवसाय का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली एक प्रतिभागी सुशीला देवी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कविता के माध्यम से कहा कि अगर इंसान कुछ करने की ठान ले तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। उन्होंने कहा कि वह इस प्रशिक्षण से मिली जानकारी से अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित हुई हैं।
भागलपुर में बकरी पालन का बढ़ता क्रेज
भागलपुर आत्मा के डायरेक्टर प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बकरी पालन का व्यवसाय एक नई क्रांति की तरह उभर रहा है। वर्तमान में, भागलपुर जिले में 100 से भी अधिक फर्म सफलतापूर्वक बकरी पालन का काम कर रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यवसाय न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, बल्कि युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए एक बेहतरीन विकल्प प्रदान कर रहा है।सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे किसानों में एक नया आत्मविश्वास जागा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी किसान इस व्यवसाय से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




