



Bhagalpur News: विकास की सीटी बजाती तरक्की की ट्रेन जब दौड़ती है, तो कई जिंदगियां पटरी से उतर जाती हैं। भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर कुछ ऐसा ही घमासान मचा है, जहां रेलवे ओवरब्रिज के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण ने लोगों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार को बौंसी रेलवे पुल संख्या-2 पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े गजट का प्रकाशन होते ही प्रभावित क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया।
लोगों के भारी विरोध के कारण बिजली के पोल शिफ्ट करने पहुंचे कर्मियों को काम छोड़कर भागना पड़ा, जिससे निर्माण कार्य बाधित हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है।
Bhagalpur News: क्यों भड़का है लोगों का गुस्सा?
स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि अधिकारी बिना नए सिरे से जमीनी हकीकत देखे, पुराने आकलन के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहते हैं, जो प्रभावित परिवारों के साथ सरासर अन्याय है। लोगों को डर है कि उनकी वास्तविक स्थिति और नुकसान का सही मूल्यांकन नहीं हो पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अभी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई और निजी जमीन पर बिजली के पोल लगाने का प्रयास किया गया, जिसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि सड़क किनारे बसे कई लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर आधा कट्ठा या एक कट्ठा जमीन खरीदी थी। कुछ ने तो इसके लिए अपनी कई बीघा पुश्तैनी जमीन तक बेच दी थी। अब इस अधिग्रहण के कारण उनके सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। लोगों का कहना है कि यह विकास उनके लिए विनाश बनकर आया है।
ओवरब्रिज नहीं, अंडरपास बनाने की मांग
विस्थापन के संकट को देखते हुए स्थानीय लोगों ने एक बैठक कर आरओबी के बजाय रेलवे अंडरपास (आरयूबी) बनाने की मांग उठाई है, ताकि कम से कम लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़े। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, पुल निर्माण निगम के चेयरमैन, भू-अर्जन पदाधिकारी, जिलाधिकारी और मानवाधिकार आयोग तक भेजी है। वे चाहते हैं कि उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार हो।
वहीं, इस मामले पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर घर बना लिया है या छज्जा सड़क पर निकाल लिया है। आरओबी निर्माण के लिए ऐसे अतिक्रमण को हटाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जरूरत के हिसाब से ही निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और उचित मुआवजा दिया जाएगा।





