
Haj Training: मानो रेगिस्तान की तपिश में रूहानी सुकून का दरिया बह निकला हो, जब हज पर जाने वाले आजमीनों को भागलपुर में एक खास महफिल में यात्रा के हर कदम की बारीकियां सिखाई गईं। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मोजाहिदपुर में किया गया, जहां हज यात्रियों को यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत से हुई, जिसे मौलाना असलम कासमी साहब ने पेश किया। इसके बाद हाफिज मेराज ने नात-ए-नबी प्रस्तुत कर महफिल में रूहानी माहौल बना दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
LCD पर दिया गया पूरा Haj Training
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे खास बात यह थी कि सभी हज यात्रियों को एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी गई। हाजी उमर फारूक ने मदीना मुनव्वरा और मक्का मुकर्रमा के सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वीडियो और तस्वीरों के जरिए समझाया कि किस स्थान पर कौन से अरकान पूरे करने हैं।
उन्होंने यह भी विस्तार से बताया कि यात्रा के दौरान अपने साथ क्या-क्या सामान रखना जरूरी है और मीना तथा अराफात के मैदान में रहते हुए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान यात्रियों को सऊदी अरब के नियमों और अनुशासन के बारे में भी जागरूक किया गया ताकि उनकी यह पवित्र तीर्थ यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
उलमाओं ने हज से जुड़े सवालों के दिए जवाब
कार्यक्रम में मौजूद अन्य उलमाओं ने भी हज के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। मौलाना असजद नाज़री नजर ने उमरा करने के सही तरीके और उसकी अहमियत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, मौलाना अत्ता-उर-रहमान मुफ्ताही साहब ने हज के फरायज और अरकान को विस्तार से समझाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सवालों के जवाब भी दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम के अंत में मुफ्ती इलियास कासमी साहब ने हज के महत्व पर कुछ अहम बातें कहीं और सभी आजमीनों के लिए एक सुरक्षित और कुबूल हज की दुआ की। इसी दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/


