

Bhagalpur News: अस्पतालों के गलियारे जब इलाज की उम्मीद की जगह लापरवाही के शोर से गूंजने लगें, तो समझिए व्यवस्था अपनी आखिरी सांसें गिन रही है। भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां एक युवती की मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच परिजनों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने अस्पताल का मुख्य द्वार ही जाम कर दिया।
Bhagalpur News: चार दिनों तक इलाज के लिए भटकते रहे परिजन
मृतका की पहचान मुंगेर जिले के बरियारपुर निवासी ओमकार देव की 25 वर्षीय पत्नी पूजा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, पूजा पिछले चार दिनों से जेएलएनएमसीएच में भर्ती थीं। इस दौरान वे लगातार डॉक्टरों और अस्पतालकर्मियों से बेहतर इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। मृतका के पति ओमकार देव ने रोते हुए बताया कि वे वार्ड से लेकर ओपीडी तक के चक्कर काटते रहे, पर किसी ने भी पूजा की बिगड़ती हालत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही ने पूजा की जान ले ली।

परिजनों ने सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अगर अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद हैं, तो फिर मरीजों को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल पा रहा है? इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर कार्यशैली को उजागर कर दिया है।
पुलिस के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
पूजा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने अस्पताल के मुख्य द्वार पर जमा होकर सड़क को जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। यह विरोध प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, एंबुलेंस और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था।
मामले की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस आश्वासन के बाद ही परिजनों ने जाम हटाया। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। परिजन दोषियों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



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