back to top
⮜ शहर चुनें
दिसम्बर, 15, 2025

जेपी आंदोलन का वो सेनानी जिसने हिला दी थी सियासत, भागलपुर के पूर्व पार्षद मनोज माइकल का निधन

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Bhagalpur News

भागलपुर की राजनीति का वो चेहरा जिसने जेपी के दौर में सत्ता को चुनौती दी थी, अब हमेशा के लिए खामोश हो गया है. शहर की गलियों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक अपनी पहचान बनाने वाले इस शख्सियत के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.

- Advertisement - Advertisement

हम बात कर रहे हैं 1974 के ऐतिहासिक जेपी आंदोलन के सेनानी और भागलपुर के पूर्व पार्षद वीरेंद्र नारायण सिंह की, जिन्हें लोग मनोज माइकल के नाम से जानते थे. मंगलवार को 78 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया. वे शहर के बूढ़ानाथ रोड इलाके के निवासी थे और अपने पीछे एक भरा-पूरा राजनीतिक और सामाजिक जीवन छोड़ गए हैं.

- Advertisement - Advertisement

जेपी आंदोलन से लेकर निगम पार्षद तक का सफर

मनोज माइकल सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता भी थे. उनकी पहचान 1974 के उस दौर से है, जब लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पूरे देश में छात्र और युवा आंदोलन की आग फैली थी. मनोज माइकल उस आंदोलन के एक सक्रिय सिपाही थे और उन्होंने सत्ता के खिलाफ बुलंद आवाज उठाई थी. उनकी गिनती उस पीढ़ी के नेताओं में होती थी, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से राजनीति में कदम रखा.

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: गंगा धारा मोड़ने से पहले गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो: गोल्डन मंडल

बाद के वर्षों में उन्होंने स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई और भागलपुर नगर निगम में पार्षद के तौर पर जनता का प्रतिनिधित्व किया. एक पार्षद के रूप में उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और उनके समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहे.

शहर ने नम आंखों से दी विदाई

मनोज माइकल के निधन की खबर फैलते ही उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया. उनके जानने वाले बताते हैं कि वे एक मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे. मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया. उनकी अंतिम यात्रा में शहर के कई गणमान्य नागरिक, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी.

उनके निधन को स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है. लोगों ने उन्हें एक सच्चे जनसेवक के रूप में याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

गिरावट के साथ खुला Indian Stock Market: जानें सोमवार को कैसा रहा बाजार का हाल

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ की, जहाँ...

Darbhanga AIIMS: बिहार के स्वास्थ्य क्रांति का महाद्वार, 2029 तक पूरा होगा आधुनिक मेडिकल टाउनशिप

Darbhanga AIIMS: स्वास्थ्य का नया सवेरा लेकर, मिथिलांचल की धरती पर आकार ले रहा...

IPL Auction 2026: श्रेयस अय्यर ने मचाया तहलका, क्या पंजाब किंग्स है नीलामी के लिए तैयार?

IPL Auction 2026: फैंस तैयार हो जाएं आईपीएल के धूम-धड़ाके के लिए! क्रिकेट के...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें