
Bhagalpur News: जब दुनिया के आसमान पर जंग के बादल मंडरा रहे हों, तब अमन की आवाज़ ज़मीन से ही उठती है। भागलपुर में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा दिखा, जहां मजदूरों ने साम्राज्यवाद के खिलाफ एकजुट होकर शांति का बिगुल फूंका। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के जवाब में, मंगलवार को स्थानीय कचहरी परिसर में विभिन्न मजदूर संगठनों के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए ईरान पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए जा रहे सैन्य आक्रमण की कठोर शब्दों में निंदा की।
Bhagalpur News: कचहरी परिसर में गूंजे युद्ध विरोधी नारे
इस विरोध प्रदर्शन में एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, सेवा की राज्य महासचिव माधुरी सिन्हा, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, इंटक के जिला अध्यक्ष रवि कुमार और एआईयूटीयूसी के संयोजक दीपक कुमार जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। इन सभी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई सहित अन्य नेताओं की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि साम्राज्यवाद अपनी गहरी हो चुकी पूंजीवादी व्यवस्था के संकट से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखकर दुनिया भर में युद्ध और सशस्त्र संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नेतृत्वकारियों ने स्पष्ट किया कि युद्ध और सैन्यीकरण का उपयोग सैन्य-औद्योगिक तंत्र को लाभ पहुंचाने और दुनिया के प्राकृतिक संसाधनों पर अवैध नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा रहा है। ईरान में पैदा होने वाली कोई भी अस्थिरता सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है, जिसके गंभीर परिणाम अभी से ही महसूस किए जाने लगे हैं। एकतरफा टैरिफ युद्ध के बाद अब ईरान पर हो रही बमबारी ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंक दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मानवता पर हमला और वैश्विक शांति को खतरा
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक ठिकानों, अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों, विशेषकर जिनेवा कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है। उन्होंने दक्षिण ईरान के मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए लक्षित हमले का जिक्र किया, जिसमें 165 से अधिक बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने इसे क्रूरता और बर्बरता की पराकाष्ठा बताया। साथ ही, ईरान द्वारा की जा रही जवाबी सैन्य कार्रवाइयों से भी क्षेत्र में विनाश और निर्दोष नागरिकों की मौतें हो रही हैं, जो चिंता का विषय है।
सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने यह मांग की कि ईरान सहित दुनिया के अन्य हिस्सों में चल रहे युद्ध को तत्काल रोका जाए और सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाए। प्रदर्शन कर रहे मजदूर संगठन ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह भारत की पारंपरिक साम्राज्यवाद विरोधी विदेश नीति का पालन करे और ईरान के खिलाफ युद्ध को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर पहल करे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यह गारंटी देने के लिए विशेष कदम उठाने की भी मांग की गई कि प्रवासी मजदूर बिना किसी रुकावट के अपनी कमाई सुरक्षित रूप से अपने परिवारों को भेज सकें।




