



Bhagalpur News: जब हुकूमतें हक़ छीनने पर आमादा हों, तो सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता बचता है। भागलपुर की सड़कों पर भी कुछ ऐसी ही तैयारी है, जहां मजदूरों का हुजूम अपने अधिकारों के लिए हुंकार भरने को तैयार है।
Bhagalpur News: जानिए क्या है मजदूरों की मांगें और हड़ताल की रूपरेखा
बुधवार को अमर शहीद तिलकामांझी की जयंती के अवसर पर, भागलपुर के प्रमुख मजदूर संगठनों ने एकजुट होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थानीय तिलकामांझी चौक पर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए और कैंडल जलाकर उनके संघर्ष को याद किया गया। इस मौके पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके दिखाए रास्ते पर चलकर मजदूरों के हक़ की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
मजदूर नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों के लिए काम कर रही है और मजदूरों के अधिकारों को लगातार छीन रही है। नए लेबर कोड को उन्होंने मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश करार दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी के विरोध में 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी आम हड़ताल की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस ऐतिहासिक मजदूर हड़ताल में भागलपुर से हज़ारों मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद है।
नेताओं ने बताया कि हड़ताल के दिन, यानी गुरुवार 12 फरवरी को, सभी मजदूर लगभग 12 बजे भागलपुर स्टेशन चौक पर इकट्ठा होंगे। यहां से एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा जो शहर के मुख्य बाज़ारों, खलीफाबाग, घंटाघर और बड़ी पोस्टऑफिस से होते हुए समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) तक पहुंचेगा और विरोध प्रदर्शन करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शहीद तिलकामांझी को याद कर लिया संघर्ष का संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मजदूर नेताओं ने कहा कि शहीद तिलकामांझी ने अपना पूरा जीवन किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, लेकिन आज की सरकारें उनके बलिदान को भुलाकर मेहनतकश जनता का सबकुछ छीन लेना चाहती हैं।
इस कार्यक्रम में ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, इंटक के जिलाध्यक्ष ई. रवि कुमार, सेवा की जिलाध्यक्ष उजरा बानो और एआईयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार समेत कई अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि जन अधिकारों की लड़ाई में शहीद तिलकामांझी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनसे प्रेरणा लेकर ही इस संघर्ष को मज़बूती से आगे बढ़ाया जाएगा और 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।




